• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Saturday, September 26, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • E-Paper
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • E-Paper
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi News

भारत में स्वाइन फ्लू वायरस (एच1एन1) फिर सुर्खियों में :दिल्ली से कर्नाटक- महाराष्ट्र तक बढ़ते मामलों के बीच कितना सुरक्षित है भारत? -समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
August 27, 2026
in Hindi News, Hindi Editorials
0
0
SHARES
6
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

बारिश,उमस और बढ़ता फ्लू: एच1एन1 की दस्तक के बीच अस्पतालों से लेकर घरों तक कितनी तैयारी?

कोविड-19 के बाद एच1एन1 के बढ़ते मामलों ने फिर जगाई चिंता, लेकिन विशेषज्ञों का संदेश, घबराहट नहीं, वैज्ञानिक सतर्कता ज़रूरी- हम सबका सहयोग ज़रूरी -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

RelatedPosts

कविता – मुखौटों का बाज़ार

कविता – ॥ जीते-जी उपेक्षा,मृत्यु के बाद भव्य श्राद्ध ॥

पितृ पक्ष 2026 -पितरों को तर्पण -मृत्यु के बाद भव्य श्राद्ध,पर जीते-जी बुजुर्गों व माता-पिता की उपेक्षा क्यों? -डिजिटल पीढ़ी के सामने संस्कारों की सबसे बड़ी परीक्षा -अब संवेदनाओं की सामाजिक क्रांति ज़रूरी -समग्र व्यापक विश्लेषण

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर कोविड-19 महामारी ने दुनियाँ को केवल एक वायरस से नहीं,बल्कि स्वास्थ्य संबंधी भय और अनिश्चितता के एक ऐसे दौर से परिचित कराया, जिसका प्रभाव आज भी लोगों की मानसिकता पर दिखाई देता है।किसी नए संक्रमण का नाम सामने आते ही लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है, क्या कहीं फिर कोई महामारी तो नहीं आने वाली? भारत में इन दिनों मौसमी इन्फ्लुएंजा, विशेषकर एच1एन1 वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कुछ ऐसा ही माहौल दिखाई दे रहा है।दिल्ली,कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में संक्रमण की गतिविधि बढ़ने से स्वास्थ्य तंत्र सतर्क हुआ है।लेकिन उपलब्ध सरकारी और वैज्ञानिक आकलन का संदेश स्पष्ट है,वर्तमान स्थिति को नई महामारी के रूप में देखने का कोई आधार नहीं है; आवश्यकता घबराने की नहीं,बल्कि निगरानी और तैयारी मजबूत करने की है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र पाठकों सहित आम जनता को इस आर्टिकल के माध्यम से बताना चाहूंगा कि 25 अगस्त 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय,स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से एच1एन1 को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक ने बताया कि वर्तमान में देश में सक्रिय एच1एन1 वायरस किसी नए अथवा असामान्य खतरनाक स्वरूप का संकेत नहीं दे रहा है। सरकार की निगरानी व्यवस्था में वायरस के आनुवंशिक स्वरूप की भी लगातार जांच की जा रही है। उपलब्ध विश्लेषण के अनुसार वर्तमान वायरस एच1एन1 पीडीएम09 के परिचित मौसमी स्वरूप से संबंधित है। इसलिए इसे 2009 जैसी नई वैश्विक महामारी की वापसी समझना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा। इस विषय पर विश्लेषण मीडिया में आई पूरी जानकारी व खबरों के आधार पर सटीकता से किया गया है।
साथियों दरअसल, स्वाइन फ्लू नाम आज भी आम लोगों के बीच अत्यधिक प्रचलित है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से एच1 एन1पीडीएम09 अब मानवों में फैलने वाला मौसमी इन्फ्लुएंजा वायरस है। वर्ष 2009 में जब यह नया वायरस सामने आया था, तब उसने विश्वव्यापी महामारी का रूप ले लिया था। बाद के वर्षों में यह वायरस मानव आबादी में स्थापित हो गया और मौसमी इन्फ्लुएंजा के वायरसों में शामिल हो गया। इसका अर्थ यह नहीं कि यह पूरी तरह समाप्त हो गया है। इसके विपरीत, यह दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग समय पर सक्रिय होता रहता है।बता दें आज की सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि वायरस में सामान्य आनुवंशिक बदलाव और किसी नए खतरनाक स्वरूप के बीच अंतर किया जाए।इन्फ्लुएंजा वायरस समय के साथ छोटे आनुवंशिक बदलाव करता रहता है, जिसे वैज्ञानिक एंटीजेनिक ड्रिफ्ट कहते हैं। यह मौसमी इन्फ्लुएंजा की सामान्य विशेषता है। इसके विपरीत, यदि वायरस में ऐसा बड़ा बदलाव हो जाए जिससे उसकी संक्रमण क्षमता, गंभीरता या मानव प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता में असामान्य वृद्धि हो, तो वह कहीं अधिक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन सकता है।वर्तमान भारतीय निगरानी से ऐसा कोई असामान्य बदलाव सामने नहीं आया है। यही कारण है कि विशेषज्ञ वर्तमान स्थिति को सतर्क निगरानी योग्य मौसमी उछाल के रूप में देख रहे हैं, न कि नई महामारी के रूप में।
साथियों, भारत में चिंता का कारण हालांकि पूरी तरह नगण्य नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में इस वर्ष एच1एन1 के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और 25-26 अगस्त के आसपास उपलब्ध आंकड़ों में संख्या 2,300 से अधिक बताई गई। कर्नाटक में भी 4,000 से अधिक प्रयोगशाला -पुष्ट मामले रिपोर्ट किए गए हैं। महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे सहित कुछ क्षेत्रों में भी मौसमी इन्फ्लुएंजा और वायरल संक्रमणों को लेकर स्वास्थ्य विभागों ने निगरानी बढ़ाई है। केरल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के मामलों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में जांच की मात्रा, रिपोर्टिंग प्रणाली और परिभाषाओं में अंतर होने के कारण केवल मामलों की संख्या देखकर बीमारी की गंभीरता का सीधा निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।यहीं से भारत के स्वास्थ्य तंत्र की वास्तविक परीक्षा शुरू होती है। यदि इन्फ्लुएंजा के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पतालों की सामान्य बाह्य रोगी सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए अस्पतालों में मरीजों की प्राथमिक छंटाई, संदिग्ध इन्फ्लुएंजा मरीजों के लिए अलग व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, ऑक्सीजन की उपलब्धता, गंभीर मरीजों के लिए गहन चिकित्सा सुविधा और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वास्थ्य व्यवस्था की सफलता इस बात से नहीं मापी जाएगी कि कितने अस्पतालों में वेंटिलेटर हैं, बल्कि इससे मापी जाएगी कि गंभीर मरीज की पहचान कितनी जल्दी होती है और उसे उचित उपचार कितनी जल्दी मिलता है।
साथियों, भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद तथा स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रयोगशाला निगरानी नेटवर्क है। वायरस अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशालाओं के माध्यम से इन्फ्लुएंजा के नमूनों की जांच और वायरस के आनुवंशिक स्वरूप की निगरानी की जाती है। यही व्यवस्था किसी संभावित नए या असामान्य स्वरूप की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भविष्य की महामारी से बचाव की दृष्टि से यह निगरानी व्यवस्था और अधिक व्यापक, तेज तथा पारदर्शी बनाना समय की मांग है।वैश्विक स्तर पर भी इन्फ्लुएंजा की निगरानी इसी सिद्धांत पर आधारित है।विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक इन्फ्लुएंजा निगरानी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली दुनिया के विभिन्न देशों से वायरस संबंधी आंकड़े एकत्र करती है। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलती है कि कौन-सा वायरस कहां सक्रिय है, उसके स्वरूप में क्या बदलाव हो रहे हैं और मौसमी टीकों की संरचना में भविष्य में क्या बदलाव आवश्यक हो सकते हैं। इसीलिए आज किसी भी देश की स्वास्थ्य सुरक्षा केवल उसकी अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं रह सकती। हवाई यात्रा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार,बड़े शहरों की घनी आबादी और लोगों की तेज आवाजाही ने संक्रामक रोगों को वैश्विक बना दिया है।
साथियों, एच1एन1 के संदर्भ में सबसे बड़ा खतरा सभी लोगों के लिए समान नहीं है। स्वस्थ वयस्कों में संक्रमण अक्सर हल्का रह सकता है, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से अस्थमा, मधुमेह, हृदय, गुर्दे या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में तेज बुखार, लगातार खांसी, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में कठिनाई दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह में देरी नहीं करनी चाहिए। विशेष रूप से सांस फूलना, सीने में लगातार दर्द या दबाव, बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी अथवा बच्चों में असामान्य सुस्ती जैसे संकेत गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं। इस पूरी परिस्थिति में स्व-दवा एक अलग चुनौती बनकर सामने आती है। वायरल संक्रमण होने के कारण एच1 एन1 पर सामान्य एंटीबायोटिक दवाएं सीधे प्रभावी नहीं होतीं।इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एज़िथ्रोमाइसिन अमोक्सिसिलिन जैसी एंटीबायोटिक दवाएं लेना उचित नहीं है।अनावश्यक एंटीबायोटिक उपयोग से रोगाणुओं में दवा-प्रतिरोध की समस्या बढ़ती है, जो आज पूरी दुनिया के सामने मौजूद गंभीर स्वास्थ्य संकटों में से एक है। इसी तरह एंटीवायरल दवाओं का उपयोग भी चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही होना चाहिए। विशेष जोखिम वाले मरीजों में डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार समय पर एंटीवायरल सटीकता से उपचार शुरू कर सकते हैं।
साथियों,बचाव की रणनीति कठिन नहीं है,लेकिन उसका पालन नियमित रूप से करना जरूरी है। साबुन और पानी से हाथों की सफाई, खांसते और छींकते समय मुंह-नाक को ढंकना, बीमार होने पर अनावश्यक रूप से भीड़ में जाने से बचना, बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों में परिस्थितिनुसार अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क पहनना तथा पर्याप्त आराम लेना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार वार्षिक इन्फ्लुएंजा टीकाकरण भी विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय हो सकता है। हालांकि कोई भी टीका पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं देता, लेकिन टीकाकरण का उद्देश्य विशेष रूप से गंभीर बीमारी और जटिलताओं के जोखिम को कम करना है।
साथियों, सबसे बड़ी चुनौती कोविड-19 के बाद एक डर समा गया है इसलिए हर वायरस से सावधानी संतुलित प्रतिक्रिया ज़रूरी है। यदि हर संक्रमण की खबर पर भय फैलाया जाए तो समाज में अनावश्यक दहशत,दवाओं की जमाखोरी और अस्पतालों पर गैर- जरूरी दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर यदि मामलों की वृद्धि को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाए तो गंभीर मरीजों की पहचान में देरी हो सकती है। इसलिए भारत को इन दोनों अतियों से बचते हुए तीसरा रास्ता अपनाना होगा,वैज्ञानिक सतर्कता और सामाजिक संयम का रास्ता।आज एच1 एन1 भारत को एक महत्वपूर्ण संदेश दे रहा है। महामारी की तैयारी केवल तब नहीं की जाती जब कोई नया वायरस दुनिया के सामने आ जाए। मजबूत प्रयोगशाला नेटवर्क, आनुवंशिक निगरानी,पारदर्शी आंकड़े, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, पर्याप्त अस्पताल क्षमता, समय पर दवाएं और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था हमेशा तैयार रहनी चाहिए। यही वह आधारभूत ढांचा है जो किसी भी भविष्य की महामारी के सामने भारत को अधिक सुरक्षित बना सकता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि वर्तमानएच1एन1 स्थिति को न तो हल्के में लेने की जरूरत है और न ही इसे नई महामारी मानकर भयभीत होने की। सही दृष्टिकोण है,मामलों की निगरानी, गंभीर मरीजों की समय पर पहचान, अस्पतालों की तैयारी, वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा और स्व-दवा से बचाव।कोविड-19 ने दुनिया को सिखाया कि एक स्थानीय संक्रमण कितनी तेजी से वैश्विक संकट बन सकता है; एच1एन1 हमें यह सिखा रहा है कि मजबूत स्वास्थ्य निगरानी उस संकट को समय रहते पहचानने की पहली दीवार है। इसलिए आज का सबसे बड़ा संदेश यही होना चाहिए,पैनिक बटन दबाने का समय नहीं,बल्कि भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा और वैश्विक स्वास्थ्य निगरानी को और मजबूत करने का समय है।

क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

WhatsApp Image 2026 08 26 at 18.49.34

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

कविता – मुखौटों का बाज़ार

by Page 3 News International Desk
September 26, 2026
0
1

आईना लेकर निकला तो बाज़ार सूना मिला,सच दिखाया चेहरों को,हर चेहरा रूठा मिला।मुखौटे सजाए तो खरीदारों की कतार लग गई,झूठ...

कविता – ॥ जीते-जी उपेक्षा,मृत्यु के बाद भव्य श्राद्ध ॥

by Page 3 News International Desk
September 26, 2026
0
1

जीते-जी माँ की आँखें दरवाज़े पर राह निहारती रहीं,पिता की बूढ़ी साँसें दो मीठे बोलों को पुकारती रहीं,संतान अपनी दुनियाँ...

पितृ पक्ष 2026 -पितरों को तर्पण -मृत्यु के बाद भव्य श्राद्ध,पर जीते-जी बुजुर्गों व माता-पिता की उपेक्षा क्यों? -डिजिटल पीढ़ी के सामने संस्कारों की सबसे बड़ी परीक्षा -अब संवेदनाओं की सामाजिक क्रांति ज़रूरी -समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
September 26, 2026
0
1

पितृ पक्ष 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 -पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और पारिवारिक मूल्यों का महापर्व: आधुनिक व्यस्त...

राम मंदिर में 85 बार हुई चढ़ावा चोरी, पुलिस विवेचना में हुआ बड़ा खुलासा?

by Page 3 News International Desk
September 26, 2026
0
5

महेंद्र त्रिपाठीअयोध्या अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विवेचना रिपोर्ट में...

नाका के विस्थापितों को दुकानें मुहैया कराएगा नगर निगम

by Page 3 News International Desk
September 26, 2026
0
9

महापौर महन्थ गिरीश पति त्रिपाठी ने विस्थापित परिवारों से की मुलाकात, समस्याओं के शीघ्र निदान का दिया भरोसा महेंद्र त्रिपाठीअयोध्या।...

अंत्योदय के विचारों को आत्मसात करना ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि: विधायक चंदन कुमार चौधरी

अंत्योदय के विचारों को आत्मसात करना ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि: विधायक चंदन कुमार चौधरी

by Page 3 News International Desk
September 25, 2026
0
8

चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि, राष्ट्रसेवा का...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
« Aug    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.