महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या।
मणिराम दास छावनी स्थित धर्म मंडपम में विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में सैकड़ों संतों की अहम बैठक हुई।
बैठक में राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता, श्रद्धालुओं की आस्था, अफवाहों और पूजा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।
संत समाज ने कहा कि कुछ लोगों की गलती के कारण पूरे राम मंदिर, ट्रस्ट और संत समाज को बदनाम करना उचित नहीं है।
अयोध्या के पांच प्रमुख संतों को रामलला की पूजा-अर्चना और धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़ी धर्म समिति में शामिल करने के निर्णय का सम्मान।
संतों ने एसआईटी जांच पूरी होने तक किसी पर आरोप न लगाने और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा ने ट्रस्ट पदाधिकारियों की ईमानदारी और निष्पक्षता पर संत समाज का विश्वास जताया।
संतों ने महासचिव चंपत राय को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवन रामलला की सेवा को समर्पित किया है और संत समाज उनके साथ खड़ा है।
महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि नौ सदस्यीय धार्मिक समिति पूजा-पद्धति, रामानंदी परंपरा और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करेगी।
संत समाज ने रामभक्तों से अफवाहों और दुष्प्रचार से दूर रहकर श्रीराम के प्रति अपनी आस्था बनाए रखने तथा एसआईटी जांच पर भरोसा रखने की अपील की।