चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली, 13 सितंबर। राजधानी दिल्ली में ‘सनातन संस्कारम रामलीला 2026’ के भव्य आयोजन का शुभारंभ रविवार को रोहिणी सेक्टर-23 स्थित डीडीए रामलीला ग्राउंड में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन से हुआ। ‘परंपरा से भविष्य की ओर’ थीम पर आधारित यह रामलीला उत्सव 9 से 20 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं, आधुनिक तकनीक और भव्य मंचन का संगम देखने को मिलेगा।
भूमि पूजन समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, दिल्ली नगर निगम के महापौर श्री प्रवेश वाही, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सत्यनारायण गौतम, पंडित डॉ. राज कुमार शर्मा, श्रीमती नुपुर शर्मा, अजय भाई महाराज और संत पागल बाबा सहित रामलीला समिति के पदाधिकारी, आयोजक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे।
भगवान श्रीराम की भूमिका के लिए प्रसिद्ध अभिनेता एवं सांसद श्री अरुण गोविल ब्रिक्स समिट से जुड़ी व्यस्तताओं के कारण भूमि पूजन में उपस्थित नहीं हो सके। हालांकि, उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और इसकी सफलता की कामना की।
वैदिक परंपराओं के अनुसार आचार्यों एवं पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन सम्पन्न कराया। इस दौरान भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए रामलीला के सफल, भव्य और दिव्य आयोजन की प्रार्थना की गई।
आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष रामलीला को पिछले वर्ष की सफलता और दिल्लीवासियों की व्यापक भागीदारी को देखते हुए और अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है। विशाल मंच पर 100 से अधिक कलाकार भगवान श्रीराम की जीवनगाथा और रामकथा के प्रमुख प्रसंगों का मंचन करेंगे। अत्याधुनिक लाइटिंग, विशाल एलईडी स्क्रीन और आधुनिक तकनीकी प्रभावों के माध्यम से रामकथा को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
रामलीला में अहिल्या उद्धार, सीता जन्म, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद और राम बारात सहित रामकथा के प्रमुख प्रसंग दर्शाए जाएंगे। इसके अलावा महारास रात्रि और श्याम बाबा की श्रृंगार झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उत्सव का समापन ईको-फ्रेंडली दशहरा के साथ होगा।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण एवं एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण मंत्री तथा बवाना विधायक श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि वे लंबे समय से ‘सनातन संस्कारम रामलीला’ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिल्लीवासियों से मिले स्नेह और आशीर्वाद ने इस वर्ष आयोजन को और भव्य बनाने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, सेवा और कर्तव्य का संदेश देता है और रामलीला इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि इस वर्ष रामलीला में प्रतिदिन विशेष सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर प्रस्तुतियां होंगी। इनमें सनातन संतों, दिव्यांग बच्चों, ट्रांसजेंडर समुदाय, आशा किरण के बच्चों, अनाथालय के बच्चों और कोरोना वॉरियर्स को विशेष रूप से केंद्र में रखा जाएगा। इसका उद्देश्य रामलीला को धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक सम्मान, संवेदना और समावेशिता का माध्यम बनाना है।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान नशा मुक्ति, विकसित दिल्ली संकल्प, वोकल फॉर लोकल, स्वदेशी उत्पाद, स्वच्छता, जल संरक्षण और हरित दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
आयोजकों का कहना है कि ‘सनातन संस्कारम रामलीला उत्सव 2026’ इस वर्ष भक्ति, सनातन संस्कृति, भव्य मंचन, आधुनिक तकनीक और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।

