गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण कराने के दिए निर्देश
महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या
मंडलायुक्त श्री राजेश कुमार की अध्यक्षता में अयोध्या विज़न-2047 के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह, विकास प्राधिकरण के उपायुक्त श्री अनुराज जैन, प्रभागीय वनाधिकारी श्री प्रखर गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मंडलायुक्त ने धर्मपथ एवं रामपथ पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी कमियां हों, उन्हें समय रहते दूर किया जाए तथा मार्गों के किनारे लगाए गए पेड़-पौधों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राम की पैड़ी के आसपास की दुकानों को सुव्यवस्थित कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बिल्लहर बंधा मार्ग (दशरथ पथ) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, उतरौला-अयोध्या-प्रयागराज मार्ग, दशरथ-गयासपुर मार्ग सहित विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। मार्गों के किनारे व्यापक वृक्षारोपण कर हरित वातावरण विकसित करने पर भी बल दिया।
बैठक में मेडिकल कॉलेज एवं एयरपोर्ट टर्मिनल-2 से प्रस्तावित 4-लेन मार्ग, मसौधा-सुचित्तागंज ट्रांजिट हॉस्टल, बेगमपुरा अतिथि गृह, रामकोट एवं कटरा स्थित मैकेनाइज्ड स्मार्ट पार्किंग, कौशल्या घाट स्थित सर्किट हाउस, चौदह कोसी एवं पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण एवं विस्तारीकरण, सुग्रीव पथ, बजरंग पथ एवं आस्था पथ सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने श्री महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, 70 आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापना, विभिन्न नालों एवं सड़कों के निर्माण, मच्छरहट्टा पार्किंग एवं व्यावसायिक संकुल, सार्वजनिक शौचालय निर्माण, डिजिटल वीडियो वॉल पर मंदिर आरती के सजीव प्रसारण, ग्रीनफील्ड टाउनशिप, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय निर्माण, क्रिकेट स्टेडियम पवेलियन, राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, अयोध्या बाईपास/रिंग रोड तथा ऐतिहासिक प्रवेश द्वारों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए, ताकि अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित किया जा सके।