चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली सरकार ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और उनके माध्यम से करीब दो लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य पूरे दिल्ली में 15 लाख से अधिक तिरंगे वितरित करने का है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल ध्वजारोहण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिक भागीदारी का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान से जोड़ने का उद्देश्य महिलाओं और स्थानीय समुदायों को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
दिल्ली सरकार के राज्य शहरी आजीविका मिशन (एसयूएलएम) के माध्यम से चिन्हित पात्र स्वयं सहायता समूह राष्ट्रीय ध्वज तैयार करेंगे। इससे समूहों के सदस्यों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के इस अभियान में प्रत्यक्ष योगदान देने का अवसर भी प्राप्त होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी राष्ट्रीय ध्वज भारतीय ध्वज संहिता-2002, उसके संशोधनों, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम-1971 तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे, ताकि तिरंगे की गरिमा और सम्मान अक्षुण्ण रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए ध्वजों के अलावा ऑनलाइन माध्यमों से भी राष्ट्रीय ध्वज खरीदेगी, जिससे 15 लाख से अधिक तिरंगों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की भावना दिल्ली के प्रत्येक घर तक पहुंचे और इसके माध्यम से देशभक्ति के साथ-साथ समावेशी विकास तथा स्थानीय समुदायों का आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित हो।
