
सारिमूल लस्कर ,शिलचर:- शिलचर जा रही एक चलती ट्रेन में 16 मई 2026 को एक बेहद शर्मनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है जिसने पूरे बराक घाटी में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। एक महिला ने खुद को रंगिरखाड़ी पुलिस आउटपोस्ट के ओसी की पत्नी बताकर एक महिला यात्री के साथ खुलेआम छेड़छाड़, अपमान और अनधिकृत तलाशी ली।
इस घटना का वीडियो स्थानीय कंटेंट क्रिएटर मधुमिता रॉय मौ ने बनाया और व्यूज हासिल करने के लिए बार-बार सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में आरोपी महिला यात्री को घेरकर उसके सामान की तलाशी लेती दिख रही है और बार-बार कह रही है कि “तुम महिला नहीं लगती, तुम बेटा लगती हो”। पीड़िता काफी परेशान नजर आ रही थी लेकिन चुपचाप सब सहन करती रही।
जानकारी के अनुसार पीड़िता काछार जिले के बदरीपार की निवासी बताई जा रही हैं। उनके पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और भाई बीएसएफ में तैनात है। वह पिछले कुछ सालों से डिमापुर में दर्जी का काम कर रही थीं।
रेलवे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।नेटिजन्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की तीखी निंदा की है।
इसे मोरल पोलिसिंग, ट्रांसफोबिया और पुलिस कनेक्शन का दुरुपयोग करार दिया जा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आम नागरिकों को ट्रेन के अंदर किसी की तलाशी लेने या पूछताछ करने का क्या अधिकार है। यदि कोई संदेह था तो RPF या रेलवे सुरक्षा बल को सूचित क्यों नहीं किया गया। व्यूज और सस्ती प्रसिद्धि के लिए इस तरह की घटना को लाइव प्रसारित करना कितना उचित है, यह भी सवाल उठाया जा रहा है।
अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होने या पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई शुरू किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
आम जनता अब मांग कर रही है कि आरोपी महिला के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, मधुमिता रॉय मौ पर भी उचित कार्रवाई हो, निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी पुलिस की आड़ लेकर आम आदमी के साथ ऐसा दुव्र्यवहार करने की हिम्मत न कर सके।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ और पुलिस कनेक्शन का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है।
आम नागरिक अब प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।