महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या
विश्व सनातन कल्याण संघ” का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों की रक्षा, प्रचार और व्यवहारिक स्थापना के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक उत्थान लाना और एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संस्कारित हिंदू समाज के निर्माण का संकल्प है।।
संघ के स्तापना दिवस पर “गौ रक्षा” के बिषय पर हुए संघ के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय दादा अयोध्यावासी ने कहा – गौ माता सनातन संस्कृति की आधारशिला हैं। विश्व सनातन कल्याण संघ का एक प्रमुख उद्देश्य गौ हत्या पर रोक, गौ तस्करी के विरुद्ध जागरूकता और गौवंश की रक्षा के लिए सामाजिक व प्रशासनिक स्तर पर प्रयास करते रहना है। संघ गौ माता को केवल पशु नहीं, बल्कि मातृत्व और समृद्धि का प्रतीक मानता है। उन्हों ने कहा के संघ- धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा तथा युवाओं में धर्म, राष्ट्र और सेवा की भावना का विकास जैसे कार्य में भी संघ निरंतर कार्य कर रही है।

संघ के बरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिब डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा- ‘गौ रक्षा’ के साथ-साथ संघ ‘गौ सेवा’ को भी एक पवित्र कर्तव्य मानता है। इसके अंतर्गत संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर संघ की हर एक साखा व संघ से जुड़े सनातनी युवा, भारत की बिभिन्न प्रदेशो में – गौशालाओं की स्थापना और सहयोग, गौ रक्षा कार्य में पुलिस प्रशाशन के साथ मिलकर प्रयाश, बीमार वृद्ध और निराश्रित गायों की सेवा आदि में निष्ठा से कार्य कर रहे। डॉ. सिद्धार्थ ने ये भी कहा है के संघ का दृढ़ विश्वास है कि सठिक शिक्षा, संस्कार, नैतिक शिक्षा, धर्म ज्ञान और भारत की सठिक इतिहास का सठिक ज्ञान समाज परिवर्तन की मजबूत नींव है। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित गरीब बच्चों की सठिक शिक्षा में सहायता प्रदान करने हेतु संघ निरंतर प्रयाश व कार्य करते है।
संघ की महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्षा मां. बबिता शर्मा जी ने कहा के प्राचीन मंदिर हमारी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर हैं। संघ का और एक प्रमुख उद्देश्य है- जीर्ण-शीर्ण और उपेक्षित मंदिरों का जीर्णोद्धार, नियमित पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों की पुनः स्थापना, मंदिरों को सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकें।