दुनियाँ का सबसे बड़ा अनुशासन,स्वयं पर शासन है,
अपने मन को जीत लेना,जीवन का सर्वोच्च सम्मान है।
जो अपनी इच्छाओं को विवेक की लगाम से बाँधता है,
वही अपने कर्मों से सफ़लता का इतिहास रचता है।
क्रोध पर संयम हो,वाणी में मधुरता का वास हो,
हर निर्णय में विवेक जागे,हर कर्म में विश्वास हो।
जो अपनी कमजोरियों से लड़कर स्वयं को निख़ारता है,
वही कठिन से कठिन राह पर भी मंजिल को पाता है।
न समय से कोई समझौता,न कर्तव्य से विमुखता,
न सिद्धांतों से समझौता,न संकल्पों में शिथिलता।
जो अपने वचनों का मान रखे,कर्मों में दृढ़ता लाए,
वही अपने जीवन को अनुशासन की मिसाल बनाए।
दूसरों को जीत लेना कोई बड़ी उपलब्धि नहीं,
स्वयं की कमियों पर विजय से बड़ी कोई सिद्धि नहीं।
जो अपने अहंकार को त्यागकर विनम्रता अपनाता है,
वही सच्चे अर्थों में ऊँचा उठकर सम्मान कमाता है।
आत्मसंयम की ज्योति से जीवन उज्ज्वल बन जाता है,
अनुशासन का हर कदम सफलता का पथ दिखाता है।
किशन स्वयंपर शासन क़रना जीवन का अभिमान बनाना सही अर्थों में दुनियाँ का सबसे बड़ा अनुशासन निभाना

