चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में तीन दिवसीय समागम; पीड़ित परिवारों ने कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
नई दिल्ली। तिलक विहार स्थित गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में आयोजित तीन दिवसीय समागम के दौरान 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों की महिलाओं ने अपनी दर्दनाक आपबीती साझा की। दशकों बाद भी उस भयावह दौर की यादें उनके दिलों में ताजा हैं। परिवार के सदस्यों को खोने और बर्बर हिंसा का सामना करने की पीड़ा बयां करते हुए कई महिलाओं की आंखें नम हो गईं।
समागम में माता भागी कौर, कुलजीत कौर, गंगा कौर, अतर कौर, लक्ष्मी कौर, ठाकरी कौर, प्रीति सिंह, जसवीर कौर, परमजीत कौर और मनप्रीत कौर सहित अन्य पीड़ित महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के संरक्षण में उपद्रवियों ने उनके परिवारों पर अत्याचार किए, घर उजाड़े और परिवार के सदस्यों की निर्मम हत्याएं कीं।
महिलाओं की आपबीती सुनकर समागम में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कार्यक्रम में प्रदर्शित तस्वीरें 1984 की हिंसा और उस दौरान प्रभावित हुए हजारों निर्दोष सिखों की पीड़ा की याद दिलाती रहीं।
पीड़ित परिवारों की महिलाओं ने कहा कि 1984 का सिख नरसंहार भारतीय इतिहास का ऐसा काला अध्याय है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार, यह सामान्य दंगा नहीं था, बल्कि निर्दोष सिखों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया था। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर हिंसा रोकने में विफल रहने तथा कांग्रेस नेताओं पर हिंसा भड़काने और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने के गंभीर आरोपों का उल्लेख किया।
महिलाओं ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी से सवाल किया कि हजारों पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पार्टी ने क्या कदम उठाए और इतने वर्षों तक पीड़ितों को इंसाफ के लिए क्यों भटकना पड़ा? उन्होंने कहा कि सिख समाज को केवल औपचारिक संवेदना नहीं, बल्कि अपने अतीत की जिम्मेदारी स्वीकार करने, जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर जोन चेयरमैन हरीश ओबेरॉय और पश्चिमी दिल्ली जिले के महामंत्री सरदार चरणजीत सिंह लवली ने गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धांजलि अर्पित की तथा नरसंहार में शहीद हुए लोगों को याद किया। उल्लेखनीय है कि रविवार को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी।
