महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा शेषावतार मंदिर के शिखर पर पूर्व निर्धारित ध्वजारोहण कार्यक्रम श्रद्धा और निष्ठा के साथ सम्पन्न हुआ।
अयोध्या महानगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 4 हजार रामभक्त इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने।
अयोध्या धाम के 11 संतों ने वैदिक विधि-विधान से ध्वज पूजन कर मंदिर शिखर पर ध्वज आरोहित कराया।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की गई।
श्रद्धालुओं और संतों ने मृतकों के परिजनों को धैर्य एवं साहस प्रदान करने की भगवान श्रीराम से कामना की।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन अग्निकांड के मद्देनजर लखनऊ में ही रहे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों के दायित्वबोध और संवेदनशील निर्णय की सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कार्यक्रम रद्द कर अग्निकांड स्थल का निरीक्षण करने और त्वरित कार्रवाई के लिए संतों ने आभार व्यक्त किया।
कुमारगंज निवासी जंगबहादुर सिंह ने लगभग 300 वर्ष पुरानी भगवान राम से संबंधित आध्यात्मिक पांडुलिपि अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को भेंट की।
कार्यक्रम में महासचिव चम्पत राय, अनिल मिश्र सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे।