अनादि पांडे ब्यूरो चीफ
रायपुर छत्तीसगढ़
रायपुर छत्तीसगढ़ के खमतराई थाना क्षेत्र (जिसे आपने खंतारे लिखा है) का 21 अगस्त 2024 को हुआ प्रसिद्ध ‘लता साहू ब्लाइंड मर्डर केस’ अंततः सुलझ गया है। पुलिस और विशेष रूप से DCP नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के कुशल नेतृत्व में इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया गया है।
इस पूरे मामले के खुलासे से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
🔬 नाखूनों के DNA से हुआ बड़ा खुलासा
- वैज्ञानिक साक्ष्य: घटना के समय मृतिका लता साहू (45 वर्ष) ने खुद को बचाने के लिए आरोपियों से संघर्ष किया था, जिससे आरोपियों के त्वचा के अंश (Biological Traces) उनके नाखूनों में फंस गए थे।
- सुरक्षित रखा सैंपल: पुलिस ने उस समय सूझबूझ दिखाते हुए इन वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रख लिया था और DNA प्रोफाइलिंग कराई थी।
- आरोपियों की गिरफ्तारी: दो साल बाद, जब पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनका DNA टेस्ट कराया, तो वह मृतिका के नाखूनों से मिले सैंपल से मैच हो गया। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
👥 गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन मुख्य आरोपी निम्नलिखित हैं:
- मनहरण सारंग (33 वर्ष) – प्रेमनगर, रावांभाठा।
- राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31 वर्ष) – नवागांव, मुंगेली।
- राजू मंडल उर्फ बंगाली (35 वर्ष) – रावांभाठा, मूल निवासी दुर्ग (इस पर पहले से भी हत्या और चोरी के मामले दर्ज हैं)।
🚨 क्या था पूरा मामला?
DCP दीपमाला कश्यप के अनुसार, मृतिका लता साहू शराब बेचने और अपने जनरल स्टोर से कपड़े बेचने का काम करती थी। 21 अगस्त 2024 को ये तीनों आरोपी महिला के घर पर शराब पी रहे थे। शराब खत्म होने पर और शराब मांगने को लेकर उनके बीच विवाद और झूमाझटकी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर राजू मंडल ने महिला का गला घोंट दिया, जबकि बाकी दोनों आरोपियों ने महिला के हाथ-पैर दबोच रखे थे। हत्या के बाद आरोपी घर से नकदी, साड़ी और पायल लेकर फरार हो गए थे।
इस ब्लाइंड केस को सफलतापूर्वक सुलझाने में खमतराई थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल, उनकी टीम और ACCU (Anti Crime and Cyber Unit) की बहुत बड़ी भूमिका रही है।
