लोगों का मुँह बंद कराने में,
क्यों अपनी ऊर्जा गँवाते हो?
कुछ बातें अनसुनी करके देखो,
क्यों व्यर्थ दिल को दुखाते हो?
हर बात का उत्तर देना,
समझदारी की निशानी नहीं,
कुछ शब्दों को अनसुना करना,
कमज़ोरी नहीं, नादानी नहीं।
लोग कहेंगे,कहना उनका काम,
तुम अपने कर्मों पर रखना ध्यान,
शोर मचाने वालों को छोड़ो,
ख़ामोशी से बढ़ाओ अपना मान।
कड़वे बोलों को दिल से न लगाओ,
व्यर्थ की बातों में समय न गँवाओ,
अपने मन को शांत बनाकर,
खुशियों के दीप सदा जलाओ।
न हर होंठ को ख़ामोश कराना,
न हर इल्ज़ाम का जवाब सुनाना,
किशन अपने कान बंद कर,मन को समझो,
जीवन को खुशियों का गुलशन बनाना।

