-महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने किया उद्घाटन
महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या। वैश्विक समस्याओं के समाधान में संवाद, कूटनीति और आपसी समझ की भूमिका को जानने-समझने के उद्देश्य से बुधवार को जेबी अकादमी में मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (एमयूएन) के द्विदिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। अकादमी की प्रधानाचार्य डॉक्टर दिव्या शुक्ला की उपस्थिति में सीबीएसई सहोदय के अंतर्गत आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते तनाव सहित अंतरराष्ट्रीय महत्व के संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में भारत, रूस, चीन, कनाडा, जर्मनी, जापान और फ्रांस सहित 39 देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभागी अपने-अपने पक्ष रखेंगे। इसमें जेबी अकादमी, यश विद्या मंदिर, अवध इंटरनेशनल, कैम्ब्रियन, महाराजा पब्लिक, आर्मी पब्लिक, सनबीम, भवदीप, फैजाबाद पब्लिक, तक्षशिला अकादमी और सेंट जेवियर्स सहित कुल 13 विद्यालयों के विद्यार्थी भी हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थी संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर कूटनीतिक संवाद और समस्या समाधान की प्रक्रिया को समझेंगे।
युद्ध नहीं, संवाद से निकलता है समाधान : महापौर
-उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि वार्ता से होता है। राजनीतिक विवादों को हथियारों के बजाय संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अन्याय, अधर्म और असत्य चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय न्याय, नीति, धर्म और सत्य की ही होती है।
महापौर ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय विषयों पर गंभीरता से विचार करने, विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने और तर्कपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के मंच विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं।
युवाओं में निष्पक्ष निर्णय क्षमता विकसित करना उद्देश्य
-विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. दिव्या शुक्ला ने महापौर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलनों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में सही और गलत के बीच बिना किसी भेदभाव के निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैश्विक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने तथा विभिन्न विचारों का सम्मान करते हुए समाधान तलाशने की प्रेरणा दी। सम्मेलन के आयोजन में कार्यक्रम समन्वयक रमेश मिश्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर शाश्वत पाठक सहित विद्यालय के अन्य सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

