चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा ने दिल्ली जल बोर्ड के कथित एसटीपी घोटाले और पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लंबे समय तक जल बोर्ड के खातों का ऑडिट नहीं हुआ और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के अभाव का असर यमुना की सफाई पर पड़ा।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी को ‘‘भ्रष्टाचार में डूबी और राजनीतिक रूप से हताश पार्टी’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और विभव कुमार जैसे नेताओं को पंजाब भेजकर वहां सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में उनके खिलाफ जांच और गिरफ्तारियों के बाद AAP ‘‘राजनीतिक विक्टिम कार्ड’’ खेल रही है।
मल्होत्रा ने दावा किया कि दिल्ली जल बोर्ड पूर्ववर्ती केजरीवाल सरकार के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा केंद्र रहा। उनके अनुसार, करीब 10 वर्षों तक दिल्ली जल बोर्ड के खातों का ऑडिट नहीं हुआ और लगभग 60,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप सामने आया है। उन्होंने कहा कि पूरी जांच की रिपोर्ट आने पर जांच की आंच अरविंद केजरीवाल तक भी पहुंच सकती है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि सत्येंद्र जैन और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी से पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार की तस्वीर सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के नालों पर पर्याप्त एसटीपी नहीं लगाए गए, जिसके कारण यमुना में प्रदूषण की समस्या बनी रही।
तिवारी ने कहा कि भाजपा के अनुसार, एसटीपी निर्माण और यमुना की सफाई के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले सार्वजनिक धन का अपेक्षित उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों के सामने कथित भ्रष्टाचार से जुड़े सबूत और ‘‘मनी ट्रेल’’ सामने आ चुके हैं तथा कानून अपना काम कर रहा है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि AAP सरकार के कार्यकाल में दिल्ली में एक भी नया एसटीपी प्लांट नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल दिल्ली को जलभराव से बचाने, सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ाने और यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए किया जाना चाहिए था।
स्वराज ने आरोप लगाया कि इसके बजाय तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार से जुड़े नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों ने कथित तौर पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की जनता को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और अब कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में उनके कार्यकाल के दौरान स्कूलों में क्लासरूम निर्माण से लेकर आबकारी नीति तक कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए। मालीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपने कार्यकाल में किसी मंत्रालय का नियमित रूप से प्रत्यक्ष कार्यभार नहीं संभाला और भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी मंत्रियों पर डालने की रणनीति अपनाई।
मालीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी मामले को ‘‘बेहद गंभीर’’ बताते हुए कहा कि दिल्ली और यमुना की सफाई के लिए अधिक और बेहतर एसटीपी की आवश्यकता थी। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार ने यमुना की सफाई के बजाय कथित भ्रष्टाचार को प्राथमिकता दी।
उन्होंने सत्येंद्र जैन को लेकर भी आरोप लगाया कि उन्हें पंजाब में अरविंद केजरीवाल के ‘‘कलेक्शन एजेंट’’ की तरह काम करने के लिए इस्तेमाल किया गया। मालीवाल ने सवाल उठाया कि जैन को चंडीगढ़ में मंत्रियों से भी बड़ी सरकारी कोठी किस हैसियत से मिली।
मालीवाल ने कहा कि एसटीपी सहित कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच केवल गिरफ्तार किए गए आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और इसकी जांच अरविंद केजरीवाल तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए जा रहे लोग केवल ‘‘किरदार’’ हैं और पूरे कथित भ्रष्टाचार के लिए केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि यह पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार के कार्यकाल में सत्ता के संरक्षण में कथित तौर पर विकसित भ्रष्टाचार के मॉडल की ओर संकेत करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में राजनेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका रही।
खंडेलवाल ने दिल्ली की जनता की ओर से सवाल उठाते हुए कहा कि लगभग एक दशक तक सरकार में रहने के बावजूद दिल्ली में पर्याप्त एसटीपी क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि यमुना की बदहाली ने अरविंद केजरीवाल द्वारा बनाई गई कथित ‘‘ईमानदारी’’ की राजनीतिक छवि पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने AAP के उस आरोप पर भी निशाना साधा कि सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पंजाब में चुनाव प्रचार को प्रभावित करने के लिए की गई है। कपूर ने कहा कि AAP ने 30 मई 2022 को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह का तर्क दिया था और जैन को हिमाचल का पार्टी प्रभारी बताते हुए उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया था।
कपूर ने दावा किया कि 2022 में हिमाचल प्रदेश में AAP को लगभग एक प्रतिशत वोट मिला और वह कोई सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भी AAP सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भाजपा नेताओं के इन आरोपों के बीच दिल्ली जल बोर्ड, एसटीपी निर्माण और पूर्ववर्ती AAP सरकार से जुड़े मामलों की जांच राजनीतिक रूप से भी अहम मुद्दा बन गई है। हालांकि, प्रेस नोट में लगाए गए घोटाले और भ्रष्टाचार संबंधी आरोप भाजपा नेताओं के दावे हैं; इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
