चाणक्यपुरी स्थित दीव-दमन गेस्ट हाउस में कमरे का किराया ₹7,000 से शुरू, चाय ₹200 और नाश्ते की डिश ₹500 होने का दावा
रमन पटेल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में स्थित दीव-दमन के सरकारी गेस्ट हाउस के संचालन और वहां निर्धारित किराये एवं खानपान की दरों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकारी भूमि पर बनी इस संपत्ति के संचालन की जिम्मेदारी एक निजी होटल कंपनी को सौंपी गई है। इस मामले से संबंधित प्रकरण दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दीव-दमन एवं लक्षद्वीप के यूनियन टेरिटरी गेस्ट हाउस के संचालन की जिम्मेदारी ग्रीनियर होटल को दी गई है, जिसे उपलब्ध सामग्री में टाटा समूह की होटल कंपनी बताया गया है। चाणक्यपुरी स्थित इस प्रतिष्ठान में सामान्य कमरे की बुकिंग का किराया 7,000 रुपये से शुरू होने का दावा किया गया है। वहीं, चाय की कीमत 200 रुपये और नाश्ते की एक डिश की कीमत 500 रुपये बताई गई है।
इस व्यवस्था को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि सरकारी संपत्ति आम जनता के उपयोग के लिए बनाई गई है, तो वहां की दरें सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की पहुंच में क्यों नहीं हैं। साथ ही, सरकारी संपत्ति को निजी संस्था के संचालन में देने की प्रक्रिया और उससे जुड़ी शर्तों की जांच की मांग भी सामने आई है।
उपलब्ध सामग्री में दीव-दमन तथा दिल्ली के अन्य सरकारी आवासों, पर्यटक आवासों और सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों के संबंध में भी जांच की मांग का उल्लेख है। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित संपत्तियों के संचालन से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, संबंधित सरकारी व्यवस्था की जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही, मामले से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने और आवश्यक होने पर खोजी पत्रकारिता के माध्यम से जांच करने की बात भी कही गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मामले की याचिका संख्या, याचिकाकर्ता का नाम, अदालत के आदेश और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले में किसी भी अनियमितता को अदालत द्वारा प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

