भाजपा अध्यक्ष का आरोप—सी.जे.पी., राहुल गांधी और केजरीवाल ने व्यापारियों के दिवाली कारोबार को पहुंचाया नुकसान
चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने के आह्वान के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस की सराहना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सी.जे.पी. और विपक्षी दलों ने राजनीतिक विरोध के नाम पर कनॉट प्लेस के त्योहारी माहौल और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश की।
मल्होत्रा ने कहा कि मजिस्ट्रेट न्यायालय में बॉन्ड भरने के बावजूद सौरभ दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का प्रयास किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां उन्हें पांच दिन के लिए जेल भेजने का निर्णय लिया गया।
भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, इस न्यायिक फैसले का विरोध करते हुए सी.जे.पी. ने युवाओं से कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभाला और अभियान के समर्थन में बहुत कम संख्या में युवा पहुंचे।
विपक्षी नेताओं पर साधा निशाना
हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और प्रकाश राज सहित जिन नेताओं ने युवाओं को कनॉट प्लेस पहुंचने के लिए प्रेरित किया, उनमें से कोई भी शाम पांच बजे वहां समर्थन देने नहीं पहुंचा।
उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से सी.जे.पी. का सरकार विरोधी अभियान कमजोर पड़ा है। हालांकि, ये सभी दावे दिल्ली भाजपा अध्यक्ष के बयान पर आधारित हैं।
व्यापारियों के नुकसान का लगाया आरोप
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि सी.जे.पी., राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के अभियान से कनॉट प्लेस और आसपास के हजारों छोटे-बड़े व्यापारियों का दिवाली कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि दुकानों, रेस्तरां और कार्यालयों के मालिकों को दैनिक वेतन पर काम करने वाले युवा कर्मचारियों को हटाने की नौबत आ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभिजीत दीपके की संभावित रिहाई या मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी को लेकर स्थिति स्पष्ट होने तक कनॉट प्लेस के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बनी रह सकती है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम के लिए सी.जे.पी. और विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ऐसे राजनीतिक अभियानों से आम नागरिकों, व्यापारियों और कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

