नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक व संरक्षक सिंधू दर्शन यात्रा समिति श्री इंद्रेश कुमार जी के आह्वान पर 22 से 26 जून 2026 तक लेह लद्दाख में ‘‘30वीं सिंधू दर्शन यात्रा कुंभ’’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में आठ देशों के विदेशी राजदूत शामिल होंगे। इस संघ के कार्यक्रम में राजदूतों की भागीदारी का समन्वय वरिष्ठ भारतीय नेता डॉ. विजय जौली कर रहे हैं।
सिंघु घाट पर भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन लेह-लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना 23 जून 2026 को सुबह 10.30 बजे करेंगे। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 3,000 श्रद्धालु शामिल होंगे। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद् मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष एडवोकेट ताशी ग्यालसन स्वागत भाषण देंगे।
भारत सरकार के सांस्कृति मंत्रालय द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों व परंपराओं के गीत, संगीत व नृत्य की टीमें सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम का समन्वय सिंधू दर्शन यात्रा समिति महासचिव भूपेंद्र कंसल कर रहे हैं।
आठ देशों के राजदूतों की भागीदारी, 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा कुंभ का विशेष आकर्षण रहेगा। जोे इस कार्यक्रम के बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय महत्व और वैश्विक सद्भाव, शांति और सहयोग के संदेश को रेखांकित करती है। कार्यक्रम में उच्चायुक्त क्रमशः – जगन्नाथ सामी (फिजी), श्रीमती शीलाबाई बापू (मॉरिशस), सुश्री महिषिनी कोलोन (श्रीलंका), प्रो. अनिल सूकलाल (दक्षिण अफ्रीका), चंद्रदथ सिंह (त्रिनिदाद और टोबैगो) तथा राजदूत क्रमशः फर्नांडो बुचेली वर्गास (इक्वाडोर), जुआज रोलैंडो अंगुलो मोनसाल्वे (चिली) और केविन केली (आयरलैंड) अपनी धर्मपत्नी संग शामिल होंगे।
एक अनोखी और ऐतिहासिक पहल के तहत, 156 देशों से एकत्र पवित्र जल से सिंधु नदी का जलाभिषेक होगा। तथा महिलाओं द्वारा कलश पूजन यात्रा संपन्न होगी। इस प्रतीकात्मक समारोह का उद्देश्य ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ (दुनिया एक परिवार है) की शाश्वत भारतीय विचारधारा को बढावा देना है। संघ प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता, आपसी सम्मान और विभिन्न देशों व संस्कृति के बीच साझा मानवीय मूल्यों पर जोर दिया जा रहा है।
