चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
UVSS, RFID, CCTV और डिजिटल विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होगा परिसर; CRPF के लिए बनेगा विशेष गश्ती मार्ग
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत परिसर में आठ वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही वाहनों की जांच के लिए अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS), RFID तकनीक, फोटो पहचान सुविधा वाले फ्लैप बैरियर, स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, विस्तारित CCTV निगरानी नेटवर्क और डिजिटल आगंतुक प्रबंधन प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने इन पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि विधानसभा परिसर को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। पूर्व में मिली बम धमकियों और सुरक्षा संबंधी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इन उपायों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
परिसर में बनेंगे आठ वॉच टावर
विधानसभा परिसर की परिधि पर निगरानी मजबूत करने के लिए सामने और पीछे सहित विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर आठ वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से एक टावर का निर्माण पूरा हो चुका है। इन टावरों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान तैनात किए जाएंगे, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
CRPF के लिए विशेष गश्ती मार्ग
सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए परिसर की सीमा के एक छोर से दूसरे छोर तक CRPF के जवानों की गश्त सुनिश्चित करने हेतु एक समर्पित मार्ग विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इससे सुरक्षा कर्मियों को परिसर की परिधि में नियमित गश्त करने और संवेदनशील स्थानों पर तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
वाहनों की जांच के लिए आधुनिक तकनीक
विधानसभा के गेट संख्या 2 और 5 पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) स्थापित किए गए हैं। इनकी मदद से वाहनों के निचले हिस्से की जांच करने तथा संदिग्ध वाहनों और संभावित फर्जी नंबर प्लेटों की पहचान करने में सहायता मिलेगी। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा कर्मी आगे सत्यापन भी कर सकेंगे।
वहीं, गेट संख्या 1 से 5 तक स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं। परिसर में हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड भी स्थापित किए गए हैं, जो अनधिकृत वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और प्रवेश बिंदुओं की सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगे।
फोटो पहचान और RFID से होगी निगरानी
गेट संख्या 1 पर फोटो पहचान सुविधा से युक्त फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से परिसर में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की पहचान सत्यापित करने और उनके प्रवेश का रिकॉर्ड रखने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, RFID प्रणाली के जरिए परिसर में आने वाले वाहनों की पहचान और उनकी आवाजाही का रिकॉर्ड दर्ज किया जा सकेगा।
120 CCTV कैमरों के नेटवर्क का होगा विस्तार
वर्तमान में विधानसभा परिसर में लगभग 120 CCTV कैमरे लगे हुए हैं। निगरानी व्यवस्था को और व्यापक बनाने के लिए दिल्ली पुलिस से अतिरिक्त अंधेरे स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने का अनुरोध किया गया है, ताकि आवश्यकतानुसार वहां भी कैमरे लगाए जा सकें। इससे निगरानी व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
डिजिटल प्रणाली से होगा आगंतुकों का पंजीकरण
विधानसभा के रिसेप्शन पर आगंतुकों के पंजीकरण और सत्यापन के लिए डिजिटल प्रबंधन प्रणाली स्थापित की गई है। इसके माध्यम से आगंतुकों की फोटो पहचान और विधानसभा आने के उद्देश्य सहित आवश्यक जानकारियां दर्ज की जा सकेंगी। इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भौतिक सुरक्षा ढांचे, वाहनों की जांच, डिजिटल पहचान, CCTV निगरानी और बेहतर गश्त का समन्वय विधानसभा परिसर को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना, सुरक्षा संबंधी जोखिमों को रोकना और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इससे विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, आगंतुकों और परिसर में आने वाले अन्य सभी लोगों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।

