चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष श्रीमती लता गुप्ता के नेतृत्व में आयोग के सदस्यों ने महिला एवं बाल विकास विभाग (DWCD) द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। दौरे का उद्देश्य संस्थानों में रह रही महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुनर्वास, सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करना तथा उनकी समस्याओं को सीधे सुनना था।
आयोग की टीम ने शॉर्ट स्टे होम फॉर वूमेन, CHG-IV (अल्पवयस्क गर्भवती बालिकाओं हेतु गृह), आफ्टर केयर होम फॉर वूमेन तथा बालिका गृह एवं बाल निकेतन का दौरा किया। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं, परामर्श सेवाओं, शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया गया। आयोग के सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रत्येक शिकायत एवं सुझाव पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
DCW अध्यक्ष श्रीमती लता गुप्ता ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लाभार्थी को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक कौशल प्रशिक्षण मिलना चाहिए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ पुनः स्थापित हो सकें।
उन्होंने संस्थानों में रह रही महिलाओं एवं बच्चों को भरोसा दिलाया कि आयोग उनके साथ खड़ा है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
दौरे के दौरान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत कवितापाठ और नृत्य प्रस्तुतियां भी दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को देशभक्तिमय बना दिया। अध्यक्ष एवं आयोग के सदस्यों ने बच्चों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आयोग की सदस्य श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढी, सनरिका शर्मा झा एवं रेनू भल्ला ने भी महिलाओं एवं बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके सुरक्षित भविष्य, शिक्षा तथा पुनर्वास के लिए निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के समापन पर महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोग की टीम को संस्थानों में संचालित योजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। अध्यक्ष लता गुप्ता ने विभाग को निरीक्षण के दौरान सामने आए सुझावों एवं कमियों पर शीघ्र कार्रवाई करने तथा आयोग को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
दिल्ली महिला आयोग ने दोहराया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, गरिमा एवं कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में भविष्य में भी आकस्मिक एवं नियमित निरीक्षण जारी रखे जाएंगे।
