
पुराना अस्पताल बंद नहीं होगा, 30 बीघा में बनेगा 150 बेड का नया अस्पताल
भ्रांतियों पर विराम लगाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले—स्वास्थ्य सुविधाएं घटेंगी नहीं, बल्कि बढ़ेंगी
11 अगस्त के बंद से पहले आंदोलन समिति ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) प्रस्तावित 150 बेड के उप जिला अस्पताल को लेकर जहाजपुर में चल रहे आंदोलन और विवाद के बीच विधायक गोपीचंद मीणा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट किया। विधायक ने कहा कि नए अस्पताल को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। पुराना अस्पताल बंद नहीं होगा और जहाजपुर की मौजूदा चिकित्सा सुविधाएं यथावत रहेंगी। नए अस्पताल के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पूर्व चिकित्सा विभाग की टीम विधायक संवाद केंद्र पहुंची और पत्रकारों को अस्पताल में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण तथा ट्रीटमेंट प्लांट की जानकारी दी। इस दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलीप मीणा, डॉ. नईम अख्तर, देवराज सुल्तानियां और रमेश मीणा मौजूद रहे।
30 बीघा में 150 बेड का आधुनिक अस्पताल
विधायक गोपीचंद मीणा ने बताया कि जहाजपुर में करीब 30 बीघा भूमि पर 44 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला 150 बेड का आधुनिक उप जिला अस्पताल बनाया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयनित भूमि पेटा काश्त की नहीं है और इसे लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि नया अस्पताल केवल जहाजपुर शहर के लिए नहीं, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
पुराना अस्पताल रहेगा यथावत
विधायक ने कहा कि वर्तमान जहाजपुर अस्पताल को बंद नहीं किया जाएगा। यह अस्पताल शहरी डिस्पेंसरी के रूप में संचालित रहेगा और यहां वर्तमान में मिलने वाली सुविधाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी सुविधा को समाप्त करना नहीं, बल्कि चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना है।
मेडिकल वेस्ट का होगा वैज्ञानिक निस्तारण
मीणा ने बताया कि नए अस्पताल में जल उपचार के लिए एसटीपी के पांच टैंक का ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को अलग-अलग थैलियों में पैक कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा तथा रिसाइक्लिंग के लिए अजमेर भेजा जाएगा।
अस्पताल तक पहुंच आसान करने की योजना
विधायक ने कहा कि नागदी नदी से निकल रहे घुमावदार मार्ग को पहाड़ी काटकर सीधा करने की योजना है। इससे अस्पताल की दूरी करीब 400 से 500 मीटर रह जाएगी। उन्होंने बताया कि जालमपुरा चौराहे से भवानीपुर चौराहे तक जहाजपुर के बाहर रिंग रोड बनाने की योजना भी है। साथ ही वर्तमान 148 फोरलेन मार्ग को पहाड़ी काटकर सीधा करने की बात कही।
नागदी नदी और उद्यान का होगा सौंदर्यीकरण
विधायक ने कहा कि पोकरण तालाब की तर्ज पर नागदी नदी का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। प्रस्तावित अस्पताल के सामने करीब 50 बीघा क्षेत्र में श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान विकसित करने की योजना भी है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के सामने हाईवे पर करीब 25 बीघा जमीन नगर पालिका को उपलब्ध कराई जाएगी, जहां दुकानें और व्यावसायिक परिसर विकसित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ जहाजपुर के विस्तार को भी गति मिलेगी।
नगदी बांध में पानी की उपलब्धता का दावा
मीणा ने कहा कि नागदी बांध हमेशा भरा रहे, इसके लिए गुड्डा डैम के कैचमेंट एरिया में एनिकट का निर्माण कराया गया है। वहां से पानी आने के कारण नागदी बांध में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।
450 करोड़ का आधुनिक रोडवेज बस स्टैंड प्रस्तावित
विधायक ने यह भी बताया कि स्टेडियम के समीप घूमचा क्षेत्र में करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक रोडवेज बस स्टैंड बनाने की योजना प्रस्तावित है।
11 अगस्त के बंद से पहले आंदोलन समिति का अल्टीमेटम
वहीं वरिष्ठ नागरिक मंच के ओम सोनी ने कहा कि प्रस्तावित अस्पताल को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बनने वाले अस्पताल के प्रस्ताव को चार-पांच दिनों में निरस्त नहीं किया, तो 11 अगस्त को जहाजपुर बंद का आह्वान किया गया है।
विधायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब अस्पताल विवाद में दोनों पक्षों के तर्क सामने आ गए हैं। एक ओर विधायक नए अस्पताल को क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं आंदोलन समिति प्रस्तावित अस्पताल को लेकर अपनी आपत्तियों पर कायम है। ऐसे में 11 अगस्त के प्रस्तावित बंद से पहले जहाजपुर में अस्पताल का मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।