चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद कहा कि यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” श्रेणी का है और इसके पीछे एक व्यापक साजिश की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि ताहिर हुसैन केवल इस घटनाक्रम का “एक्टर” था, जबकि इसके कथित “मास्टरमाइंड” तक अभी पहुंचना बाकी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल मिश्रा ने कहा कि आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर अनेक चाकू के वार पाए गए। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद अब पूरे कथित षड्यंत्र की जांच आगे बढ़नी चाहिए।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली दंगों के दौरान सुनियोजित तरीके से सड़कें बंद की गईं, हिंसा फैलाई गई और चुनिंदा क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि यह घटनाक्रम एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसकी पूरी जिम्मेदारी तय होना अभी बाकी है।
कैबिनेट मंत्री ने आम आदमी पार्टी के तत्कालीन नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दंगों के दौरान सरकार ने पीड़ित हिंदुओं के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह से सवाल पूछते हुए कहा कि उस समय हिंसा रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए गए।
कपिल मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लेखकों, पत्रकारों, वकीलों, एक्टिविस्टों और गैर-सरकारी संगठनों ने दिल्ली दंगों की वास्तविकता को छिपाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि दोषसिद्धि केवल एक शुरुआत है और पूरे कथित षड्यंत्र से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों तक कानून को पहुंचना चाहिए।

