चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली

नई दिल्ली: राजधानी की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में दिल्ली सरकार ने अपनी प्रमुख महिला समृद्धि योजना का आधिकारिक नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि योजना को रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनके सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन को नई मजबूती मिलेगी।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पूरी पारदर्शिता, सरलता और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण विकसित भारत की आधारशिला है और उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं को ही मिलेगा। इसके लिए तय किए गए मानकों के अनुसार लाभार्थी या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए। लाभार्थी एवं उसके परिवार के विरुद्ध कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। एक परिवार से केवल सबसे बड़ी महिला ही इस योजना की पात्र होगी और एक परिवार की केवल एक महिला को ही इसका लाभ मिलेगा।
योजना के तहत केवल उन्हीं परिवारों की महिलाओं को सहायता मिलेगी जिनकी वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं है। जो महिलाएं पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। इसके अलावा जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है, उनकी महिलाओं को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
दिल्ली सरकार का अनुमान है कि ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ से राजधानी के लाखों जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और समाज में महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र महिला को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उसे परिवार और समाज के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना है।
