चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राजधानी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए विभिन्न एजेंसियों ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने, सील करने और नोटिस जारी करने की कार्रवाई तेज कर दी है।
सरकार के अनुसार राजस्व विभाग ने 124 संपत्तियों का निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। वहीं 1 से 6 जून के बीच दिल्ली नगर निगम ने 94 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया और 114 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा 84 कारण बताओ नोटिस, 41 सीलिंग नोटिस और 33 ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ऐसे किसी भी निर्माण या गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी जो लोगों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बने। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
उधर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने भी अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है। स्वीकृत नक्शों के गंभीर उल्लंघन वाले भवनों की पहचान की जाएगी और दोषी आर्किटेक्ट्स को पैनल से हटाकर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। साथ ही डीडीए की फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल फायर रिस्पॉन्स ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के भी निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि राजधानी में सुरक्षित और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

