चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक परंपरा बेहद समृद्ध रही है और आज की युवा पीढ़ी यह तय कर सकती है कि देश एआई, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, केमिकल, क्लाइमेट और इनोवेशन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कैसे करेगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एलजी संधू ने कहा कि टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना केवल चुनौती नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए बड़ा अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भारत के पास गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में प्राचीन ज्ञान की मजबूत विरासत है, जिसे आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण, जल संकट और बदलते पर्यावरणीय हालात दुनिया के शहरों का भविष्य तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे समय में वैज्ञानिक संस्थानों और अर्बन प्लानर्स को मिलकर काम करना होगा ताकि क्लाइमेट स्मार्ट प्रोसेस और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. योगेश सिंह ने की। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र कुमार और प्रवीण रामदास ने भी अपने विचार रखे। वहीं, प्रो. अविनाश चंद्र पांडे ने दिनभर चले आयोजन के निष्कर्ष प्रस्तुत किए। अंत में डॉ. विकास गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
