• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Tuesday, May 12, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi Editorials

विशेष संसद सत्र 16-18 अप्रैल 2026- नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 बनाम प्रॉक्सी राजनीति व नेतृत्व,आपराधिक दखल,बैक-डोर कंट्रोल, राजनीतिक ढाल बनाकर दुरुपयोग की चुनौती-कठोर सजा की धाराएं जोड़ने की जरूरत-एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
April 15, 2026
in Hindi Editorials
0
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

RelatedPosts

भारत:-आध्यात्मिकता,सर्वधर्म समभाव और मानव चेतना का वैश्विक केंद्र- नागपुर के हरे माधव सत्संग 16 17 मई 2026 के कृतार्थ, वैश्विक सामग्र आध्यात्मिक विमर्श

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी- अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना चाहिए

दलबदल से सत्ता के शिखर तक -दलबदल रणनीतिक निवेश- त्रिपुरा अरुणाचल प्रदेश मणिपुर बिहार अबपश्चिम बंगाल से असम तक, भारतीय राजनीति में बदलती रणनीतियों का नया अध्याय -समग्र व्यापक विश्लेषण

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 और 15 समानता और गैर- भेदभाव की गारंटी देते हैं,साथ ही अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति भी देता है- समान अवसर और न्याय के व्यापक सिद्धांतों क़ा संतुलन आवश्यक

विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023- प्रॉक्सी पॉलिटिक्स,राजनीतिक ढाल, आपराधिक नेटवर्क द्वारा जानबूझकर इस्तेमाल रोकने कठोर सजा का प्रावधान ज़रूरी ताकि वास्तविक सशक्तिकरण हों -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के माध्यम से लोकतांत्रिक इतिहास में एक निर्णायक कदम उठाया है, जिसका उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर राजनीतिक प्रतिनिधित्व में लैंगिक संतुलन स्थापित करना है। यह कदम केवल सांख्यिकीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और लोकतंत्र की गुणवत्ता को मजबूत करने का एक व्यापक दृष्टिकोण भी है। किंतु इस ऐतिहासिक पहल के साथ कई गंभीर प्रश्न और आशंकाएँ भी उभरकर सामने आई हैंविशेषकर प्रॉक्सी नेतृत्व या बैक-डोर कंट्रोल का खतरा, जिसमें निर्वाचित महिला प्रतिनिधि के स्थान पर वास्तविक सत्ता उनके पति या अन्य पुरुष रिश्तेदारों के हाथों में होती है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि यह समस्या भारत तक सीमित नहीं है; विश्व के कई लोकतंत्रों में महिला आरक्षण या कोटा लागू होने के बाद इसी प्रकार की चुनौतियाँ सामने आई हैंइसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि हम इस अधिनियम के निहितार्थों, संभावित जोखिमों और सुधारात्मक उपायों का गहन विश्लेषण करें।ताकि
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के दूरगामी सकारात्मक प्रभाव हमारे विज़न 2047 के लिए सटीक रूप से मील का पत्थर साबित हो।
साथियों बात अगर हम मुद्दों का विश्लेषण करें तो सबसे पहला और बुनियादी प्रश्न यह हैकि क्या महिला जनप्रतिनिधियों का पारिवारिक पुरुषों द्वारा नियंत्रित होना मतदाताओं के विश्वास का हनन है?लोकतंत्र की मूल आत्माप्रतिनिधित्व और उत्तरदायित्व पर आधारित होती है। जब मतदाता किसी महिला को उसकी ईमानदार छवि, सामाजिक संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर चुनते हैं, तब वे अपेक्षा करते हैं कि वही महिला नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएगी। लेकिन यदि वास्तविक निर्णय उसके पति या परिवार के पुरुष सदस्य लेते हैं, तो यह न केवल मतदाता के विश्वास के साथ धोखा है, बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी कमजोर करता है। भारत के कई राज्यों में पंचायत स्तर पर सरपंच पति की प्रवृत्ति एक स्थापित वास्तविकता बन चुकी है, जहाँ निर्वाचित महिला केवल नाममात्र की मुखिया होती है और वास्तविक शक्ति पुरुषों के हाथों में रहती है। यह स्थिति महिलाओं के सशक्तिकरण के मूल उद्देश्य को ही निष्प्रभावी कर देती है और उन्हें मात्र एक तुच्छ राजनीतिक औजार बना देती है।
साथियों दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद बैक-डोर नेतृत्व की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। जब किसी क्षेत्र को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया जाता है,तोराजनीतिक दल और प्रभावशाली पुरुष नेता अपने परिवार की महिलाओं को उम्मीदवार बनाकर अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास कर सकते हैं। यह प्रवृत्ति पहले से ही स्थानीय निकायों में देखी जा चुकी है और यह संभावना है कि यह अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक भी फैल सकती है। इस संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, कुछ अफ्रीकी और दक्षिण एशियाई देशों में महिला कोटा लागू होने के बाद प्रारंभिक वर्षों में प्रॉक्सी पॉलिटिक्स का चलन बढ़ा,जहाँ महिलाएँ केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधि थीं। हालांकि समय के साथ, शिक्षा, राजनीतिक प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता के बढ़ने से यह प्रवृत्ति धीरे-धीरे कम हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि केवल आरक्षण देना पर्याप्त नहीं है; उसके साथ संस्थागत और सामाजिक सुधार भी आवश्यक हैं।
साथियों तीसरा बिंदु यह है कि क्या अयोग्य या अक्षम पुरुष नेता, जो स्वयं चुनाव नहीं लड़ सकते, महिलाओं को आगे कर बैक-डोर से सत्ता पर नियंत्रण बनाए रखेंगे? यह आशंका पूरी तरह निराधार नहीं है। भारतीय राजनीति में परिवारवाद और वंशवाद पहले से ही एक महत्वपूर्ण कारक रहा है। ऐसे में, यदि किसी पुरुष नेता पर कानूनी या राजनीतिक प्रतिबंध है, तो वह अपनी पत्नी, बेटी या अन्य महिला रिश्तेदार को उम्मीदवार बनाकर अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता का उपयोग कर सकता है। यह न केवल लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा को कमजोर करता है, बल्कि योग्य और स्वतंत्र महिला नेताओं के उभरने में भी बाधा डालता है। इस समस्या का समाधान केवल कानूनी प्रावधानों से नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की आंतरिक लोकतांत्रिक संरचना और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में अति अति सतर्कता व पारदर्शिता से ही संभव है।
साथियों चौथा और अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू अपराध और न्याय व्यवस्था से जुड़ा है। इंस्टीट्यूट फॉर क्राइम एंड जस्टिस पॉलिसी रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महिला कैदियों की संख्या पिछले दो दशकों में 162 प्रतिशत बढ़ी है, जो पुरुष कैदियों की वृद्धि दर (77 प्रतिशत ) से कहीं अधिक है। यह असंतुलन कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या महिलाओं में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, या उन्हें आपराधिक नेटवर्क द्वारा जानबूझकर इस्तेमाल किया जा रहा है? कई मामलों में यह पाया गया है कि मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध प्रवास जैसे अपराधों में महिलाओं को इसलिए शामिल किया जाता है क्योंकि उन्हें कम संदेहास्पद माना जाता है। यह स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है जब हम इसे राजनीतिक संदर्भ में देखते हैं। यदि आपराधिक तत्व महिलाओं को राजनीतिक ढाल के रूप में इस्तेमाल करने लगें, तो यह लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेष रूप से सीमावर्ती राज्यों में, जहाँ अवैध प्रवास और तस्करी की समस्या अधिक है, यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।
साथियों पाँचवाँ मुद्दा आरक्षण के व्यावहारिक प्रभाव से जुड़ा है। यदि किसी विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया जाता है,और वहाँ पर्याप्त योग्य महिला उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हैं, तो यह संभावना है कि अपेक्षाकृत कम सक्षम उम्मीदवार ही निर्वाचित हो जाएँ। यह स्थिति मतदाताओं के लिए भी अन्यायपूर्ण हो सकती है,क्योंकि उन्हें अपनी पसंद के सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का चयन करने का अवसर नहीं मिलता। हालांकि यह तर्क आंशिक रूप से सही है, लेकिन इसे व्यापक संदर्भ में देखना आवश्यक है। इतिहास गवाह है कि जब भी किसी वंचित वर्ग को अवसर दिया जाता है, तो प्रारंभिक वर्षों में चुनौतियाँ होती हैं, लेकिन समय के साथ वह वर्ग अपनी क्षमता विकसित कर लेता है। इसलिए, इस समस्या का समाधान आरक्षण को समाप्त करना नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए शिक्षा, नेतृत्व प्रशिक्षण और
राजनीतिक सहभागिता के अवसर बढ़ाना है।
साथियों छठा और अंतिम बिंदु संवैधानिक संतुलन से जुड़ा है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि महिला आरक्षण के कारण पुरुषों के मौलिक अधिकारों, विशेष रूप से समानता के अधिकार, का उल्लंघन न हो। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 और 15 समानता और गैर-भेदभाव की गारंटी देते हैं, लेकिन साथ ही अनुच्छेद 15 (3) राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति भी देता है। इसलिए, महिला आरक्षण संवैधानिक रूप से वैध है, बशर्ते कि यह समान अवसर और न्याय के व्यापक सिद्धांतों के अनुरूप हो। यहाँ संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि यह नीति सामाजिक न्याय को बढ़ावा दे, न कि नए प्रकार के असंतुलन पैदा करे। इन सभी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, यह आवश्यक हो जाता है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में कुछ ठोस दंडात्मक व सुधारात्मक उपाय जोड़े जाएँ।
साथियों सबसे पहले, प्रॉक्सी नेतृत्व को रोकने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान होने चाहिए, जिनमें आर्थिक और आपराधिक दंड शामिल हों। यदि यह साबित होता है कि कोई निर्वाचित महिला प्रतिनिधि केवल नाममात्र की है और वास्तविक निर्णय कोई अन्य व्यक्ति ले रहा है, तो उस पर और संबंधित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरा, महिला प्रतिनिधियों के लिए अनिवार्य राजनीतिक और प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर और सक्षम नेता बन सकें। तीसरा, राजनीतिक दलों को अपने आंतरिक ढांचे में सुधार करना होगा और महिलाओं को केवल टोकन उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि वास्तविक नेता के रूप में आगे बढ़ाना होगा। चौथा, नागरिक समाज और मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है; उन्हें ऐसे मामलों को उजागर करना चाहिए जहाँ महिलाओं का दुरुपयोग किया जा रहा हो।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह देखा गया है कि महिला आरक्षण तभी सफल होता है जब उसे व्यापक सामाजिक और संस्थागत सुधारों के साथ जोड़ा जाए। रवांडा, नॉर्वे और फ्रांस जैसे देशों में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं की वास्तविक भागीदारी भी बढ़ी है, क्योंकि वहाँ शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति का स्तर उच्च है। भारत को भी इस दिशा में समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
अंततः, नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारत के लोकतांत्रिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और आवश्यक कदम है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हम “संख्यात्मक प्रतिनिधित्व” को “वास्तविक सशक्तिकरण” में कैसे बदलते हैं। यदि हम प्रॉक्सी नेतृत्व, आपराधिक दखल अंदाजी और संस्थागत कमजोरियों को दूर करने में सफल होते हैं, तो यह अधिनियम न केवल महिलाओं के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति बन सकता है। अन्यथा, यह केवल एक कागजी सुधार बनकर रहजाएगा जो अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने में असफल रहेगा। इसलिए, समय की मांग है कि हम इस कानून को केवल एक राजनीतिक उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति के रूप में देखें और इसे सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर गंभीर और ठोस प्रयास करें।

kishan2
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यम सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

भारत:-आध्यात्मिकता,सर्वधर्म समभाव और मानव चेतना का वैश्विक केंद्र- नागपुर के हरे माधव सत्संग 16 17 मई 2026 के कृतार्थ, वैश्विक सामग्र आध्यात्मिक विमर्श

by Page 3 News International Desk
May 12, 2026
0
17

जीवन मुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहब जी का परम सत्य वचन- मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति बाहरी संसार में नहीं,...

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी- अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना चाहिए

by Page 3 News International Desk
May 11, 2026
0
1

आओ अपनें समाज, घर, क्षेत्र में अपनी मातृभाषा में बात करें ताकि उसे हम विलुप्तता से बचा सके भारत ख़ूबसूरत...

दलबदल से सत्ता के शिखर तक -दलबदल रणनीतिक निवेश- त्रिपुरा अरुणाचल प्रदेश मणिपुर बिहार अबपश्चिम बंगाल से असम तक, भारतीय राजनीति में बदलती रणनीतियों का नया अध्याय -समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 11, 2026
0
0

राजनीति केवल वैचारिक प्रतिबद्धता का खेल नहीं रह गई, बल्कि यह चुनावी प्रबंधन, क्षेत्रीय प्रभाव, सामाजिक समीकरण और रणनीतिक विस्तार...

पृथ्वी की इस धरा पर माँ ईश्वर अल्लाह का रूप -मातृत्व प्रेम, त्याग और मानव सभ्यता की सबसे अनमोल धरोहर-मदर्स डे 10 मई 2026-एक व्यापक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 10, 2026
0
10

माँँ की गोद एक शरण स्थान है,जहां हमें सुकून मिलता है सभी दुखों का इलाज होता है मातृ देवो भवः...

बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार: बंगाली अस्मिता,क्षेत्रीय गौरव और स्थानीय नेतृत्व को प्रमुखता -शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने से भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ -समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 9, 2026
0
10

पहले नंदीग्राम अब भवानीपुर सीट से दीदी को हराना प्रतीकात्मक राजनीतिक संदेश, नेतृत्व परिवर्तन का संकेत- बंगाल की जनता ने...

डिजिटल युग में उपभोक्ता अधिकारों की नई क्रांति: उपभोक्ता शिकायत निवारण (चौथा संशोधन) विनियमन 2026- सुझाव 5 जून 2026 तक आमंत्रित- भारत की जवाबदेह अर्थव्यवस्था की ओर एक निर्णायक कदम

by Page 3 News International Desk
May 8, 2026
0
3

उपभोक्ता शिकायत निवारण (चौथा संशोधन) विनियमन, 2026- मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं को तीव्र समाधान,पारदर्शी और तकनीक- सक्षम न्याय उपलब्ध कराना भारत...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

May 2026
MTWTFSS
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
« Apr    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • E-Magazine
  • Management Team
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.