भारत में अनेकों गाँव शहर बन गए,पर सरकारी रिकॉर्ड में गाँव ही हैँ, ऐसा क्यों? :ग्रामीण-शहरी वर्गीकरण की पुरानी व्यवस्था, मानकों पर पुनर्विचार कर संशोधन की तात्कालिक ज़रूरत -समग्र व्यापक विश्लेषण
गावों में बहुमंजिला इमारतें, औद्योगिक प्रतिष्ठान, निजी अस्पताल,शैक्षणिक संस्थान, बाजार, बैंकिंग सुविधाएँ,इंटरनेट कनेक्टिविटी, पक्की सड़कें और लाखों की आबादी मौजूद,इसके...
