• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Monday, May 25, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi Editorials

नीति आयोग क़ी रिपोर्ट- स्ट्रीथनिंग अर्बन गवर्नेंस इन इंडिया: ए फ्रेमवर्क फॉर रिफार्म- दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए एक रूपरेखा -नागरिकों का पूर्ण सहयोग ज़रूरी -समग्र वैश्विक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
April 27, 2026
in Hindi Editorials
0
0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

RelatedPosts

शिक्षकों को चुनावी प्रक्रिया, जनगणना,आर्थिक सर्वेक्षण, पल्स पोलियो अभियान, स्थानीय निकायों के डाटा संकलन, आवारा कुत्तों की गणना जैसे कार्यों में लगाना- बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक हस्तक्षेप- 31 जुलाई 2026 तक रोक-क्या शिक्षक शिक्षा दें या शासन के गैर- शैक्षणिक कार्य करें? -समग्र व्यापक विश्लेषण

इबोला का नया वैश्विक खतरा- कोरोना के बाद दुनियाँ फिर एक भयावह स्वास्थ्य संकट की दहलीज पर?- डब्ल्यूएचओ ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित किया -भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन 28 से 31 मई,2026 स्थगित-समग्र व्यापक विश्लेषण

सुंदरता बनाम सुरक्षा-औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (सीडीएससीओ) की सख़्ती- कॉस्मेटिक इंजेक्शन के नाम पर बढ़ते स्वास्थ्य खतरे पर बड़ा प्रहार- समग्र व्यापक विश्लेषण

शहरों में संस्थागत बिखराव- शहरी प्रशासन की सबसे बड़ी बाधा -प्रस्तावित रिपोर्ट भारत के शहरी भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास करती है

यह रिपोर्ट वर्तमान समस्याओं की पहचान,एक दीर्घकालिक और संस्थागत समाधान का खाका जो भारत को वैश्विक स्तरपर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ शहरी अर्थव्यवस्था बनाने में मदद कर सकता है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत का शहरी भविष्य: चुनौतियों से समाधान तक नीति आयोग की नई रूपरेखा का दुनियाँ में आगज़ हो रहा है,भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। आज के दौर में शहर केवल रहने की जगह नहीं रहे,बल्कि आर्थिक विकास,नवाचार, रोजगार और सामाजिक गतिशीलता के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। लेकिन इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में अव्यवस्थित विस्तार, कमजोर प्रशासनिक ढांचे,सीमित वित्तीय संसाधन और जवाबदेही की कमी जैसी समस्याएं भी तेजी से सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट स्ट्रीथनिंग अर्बन गवर्नेंस इन इंडिया:ए फ्रेमवर्क फॉर रिफार्म, भारत के शहरी भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास करती है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूंक़ि यह रिपोर्ट न केवल वर्तमान समस्याओं की पहचान करती है,बल्कि एकदीर्घकालिक और संस्थागत समाधान का खाका भी प्रस्तुत करती है,जो भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ शहरी अर्थव्यवस्था बनाने में मदद कर सकता है।भारत आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा हैजहां शहरीकरण उसके विकास की दिशा तय करेगा।
साथियों बात अगर हम शहरी भारत की वास्तविकता: अवसर और संकट का संगम इसको समझने की करें तो भारत में शहरी आबादी तेजी से बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, 2030 तक भारत की लगभग 40 प्रतिशत आबादी शहरों में निवास करेगी। यह वृद्धि अवसरों का द्वार खोलती है जैसे रोजगार,निवेश और तकनीकी विकास लेकिन इसके साथ ही यह कई गंभीरचुनौतियों को भी जन्म देती है।आज के भारतीय शहरों में यातायात जाम, प्रदूषण, जल संकट, आवास की कमी और असमानता जैसी समस्याएं आम हैं। इन समस्याओं की जड़ में केवल संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली की कमजोर संरचना भी है। यही वह बिंदु है जिस पर नीति आयोग की रिपोर्ट विशेष ध्यान केंद्रित करती है।
साथियों बात अगर हम शहरों में संस्थागत बिखराव:शहरी प्रशासन की सबसे बड़ी बाधा इसको समझने की करें तो भारत के अधिकांश शहरों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां कई एजेंसियों में बंटी हुई हैं नगर निगम, विकास प्राधिकरण,राज्य सरकार की एजेंसियां और केंद्रीय संस्थाएं। इस बिखराव के कारण निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी और जटिल हो जाती है।उदाहरण के लिए, एक ही शहर में सड़क निर्माण,जल आपूर्ति और भूमि उपयोग जैसे कार्य अलग-अलग संस्थाओं द्वारा संचालित होते हैं। इससे न केवल संसाधनों का दुरुपयोग होता है, बल्कि जवाबदेही भी कमजोर पड़ जाती है। नीति आयोग की रिपोर्ट इस समस्या को शहरी शासन की मूल चुनौती के रूप में चिन्हित करती है और एकीकृत प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता पर सटीक रूप से बल देती है।
साथियों बात अगर हम सीमित शक्तियों का हस्तांतरण:लोकतंत्र का अधूरा विकेंद्रीकरण इसको समझने की करें तो भारत में 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया था। लेकिन व्यवहारिक स्तर पर यह विकेंद्रीकरण अधूरा ही रह गया।नगर निगमों और नगर पालिकाओं को पर्याप्त अधिकार नहीं दिए गए हैं। अधिकांश महत्वपूर्ण निर्णय राज्य सरकार के नियंत्रण में ही रहते हैं।इससे स्थानीय स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित होता है।नीति आयोग की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से सुझाव देती है कि शहरी निकायों को वास्तविक प्रशासनिक और वित्तीय स्वायत्तता दी जानी चाहिए, ताकि वे स्थानीयआवश्यकताओं के अनुसार निर्णय ले सकें।
साथियों बात अगर हम वित्तीय स्वायत्तता की कमी: विकास में सबसे बड़ी रुकावट इसको समझने की करें तो शहरी निकायों के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का अभाव एक गंभीर समस्या है। भारत में अधिकांश नगर निगम अपने खर्चों के लिए राज्य और केंद्र सरकार पर निर्भर हैं।स्थानीय कर संग्रहण की क्षमता कमजोर है और संपत्ति कर जैसी प्रमुख आय स्रोतों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, बजट प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता की कमी भी एक बड़ी चुनौती है।रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि नगर निकायों को अपने राजस्व स्रोतों को मजबूत करना चाहिए, जैसे:संपत्ति कर सुधार, उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्जेज) नगर बॉन्ड (म्युनिसिपल बोड्स ) यह कदम न केवल वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करेंगे, बल्कि शहरी विकास को गति भी देंगे। जवाबदेही का अभाव: नागरिकों का सटीक भरोसा कमजोर, किसी भी लोकतांत्रिक प्रणाली की सफलता उसकी जवाबदेही पर निर्भर करती है। लेकिन भारतीय शहरों में नागरिकों के प्रति जवाबदेही का स्तर अभी भी कमजोर है।पारदर्शिता की कमी, भ्रष्टाचार और नागरिक सहभागिता का अभाव प्रशासनिक दक्षता को प्रभावित करता है। नीति आयोग की रिपोर्ट इस दिशा में सुधार के लिए डिजिटल गवर्नेंस सामाजिक ऑडिट और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बात करती है।
साथियों बात अगर हम तकनीक की भूमिका: स्मार्ट शहरों की दिशा में कदम इसको समझने की करें तो डिजिटल तकनीक शहरी शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सकती है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई शहरों में तकनीकी समाधान लागू किए गए हैं,लेकिन अभी भी इनका विस्तार सीमित है।नीति आयोग की रिपोर्ट सुझाव देती है कि (1) डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली विकसित की जाए(2)ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जाए(3)नागरिक सेवाओं को डिजिटल बनाया जाए,यह न केवल प्रशासन को कुशल बनाएगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को भी सुधार करेगा।
साथियों बात अगर हम पर्यावरणीय चुनौतियां: टिकाऊ शहरीकरण की आवश्यकता इसको समझने की करें तो ऐसा महसूस होता है कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट शहरी क्षेत्रों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। बढ़ता प्रदूषण, जल संकट और हरित क्षेत्रों की कमी शहरों की जीवन गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है।रिपोर्ट में टिकाऊ विकास (सस्टेनबल डेवलपमेंट ) पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें हरित बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
साथियों बात अगर हम नीति आयोग की रूपरेखा: समाधान का समग्र दृष्टिकोण इसको समझने की करें तो रिपोर्ट में प्रस्तुत रूपरेखा बहुआयामी है,जिसमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:(1)संस्थागत एकीकरण (2) वास्तविक विकेंद्रीकरण (3) वित्तीय सुधार
जवाबदेही और पारदर्शिता (4) तकनीकी नवाचार यह रूपरेखा केवल समस्याओं का समाधान नहीं देती, बल्कि एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
साथियों बात अगर हम भारत के लिए आगे की राह: चुनौतियां और संभावनाएं इसको समझने की करें तो नीति आयोग की यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। भारत को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे(1)राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन (2) संस्थागत सुधारों का प्रभावी कार्यान्वयन (3) नागरिकों की सक्रिय भागीदारी (4) निजी क्षेत्र के साथ सहयोग,यदि इन पहलुओं पर ध्यान दिया जाए, तो भारत अपने शहरी क्षेत्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकता है।
साथियों बात अगर हम इस पूरे मुद्दे को वैश्विक परिप्रेक्ष्य: दुनियाँ से क्या सीख सकता है भारत इसको समझने की करें तो, दुनियाँ के कई देशों ने शहरी शासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।उदाहरण के लिए:सिंगापुर में केंद्रीकृत लेकिन अत्यधिक कुशल शहरी प्रबंधन प्रणाली, लंदन में मजबूत स्थानीय प्रशासन और वित्तीय स्वायत्तता, न्यूयॉर्क में सार्वजनिक-निजी भागीदारी का प्रभावी उपयोग, इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सफल शहरी शासन के लिए तीन तत्व आवश्यक हैं,स्पष्ट अधिकार, मजबूत वित्तीय आधार और जवाबदेही।भारत भी इन मॉडलों से सीख लेकर अपनी परिस्थितियों के अनुसार सुधार कर सकता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विशेषण करें तो हम पाएंगे कि शहरी भारत का भविष्य तय करने का निर्णायक क्षण हैं भारत आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां शहरीकरण उसके विकास की दिशा तय करेगा।नीति आयोग की रिपोर्ट स्ट्रीथनिंग अर्बन गवर्नेंस इन इंडिया : ए फ्रेमवर्क फॉर रिफार्म इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।यह रिपोर्ट केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि एक दृष्टि है,एक ऐसे भारत की, जहां शहर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि अवसरों, नवाचार और समृद्धि के केंद्र हों।यदि इस रूपरेखा को गंभीरता से लागू किया गया, तो भारत न केवल अपनी आंतरिक चुनौतियों को पार कर सकता है,बल्कि वैश्विक शहरी विकास के क्षेत्र में एक उदाहरण भी बन सकता है।

kishan4
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

शिक्षकों को चुनावी प्रक्रिया, जनगणना,आर्थिक सर्वेक्षण, पल्स पोलियो अभियान, स्थानीय निकायों के डाटा संकलन, आवारा कुत्तों की गणना जैसे कार्यों में लगाना- बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक हस्तक्षेप- 31 जुलाई 2026 तक रोक-क्या शिक्षक शिक्षा दें या शासन के गैर- शैक्षणिक कार्य करें? -समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 24, 2026
0
16

बॉम्बे हाईकोर्ट का यह निर्णय शिक्षा की गरिमा, संवैधानिक सीमाओं और विधि के शासन, तीनों की एक साथ रक्षा करने...

इबोला का नया वैश्विक खतरा- कोरोना के बाद दुनियाँ फिर एक भयावह स्वास्थ्य संकट की दहलीज पर?- डब्ल्यूएचओ ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित किया -भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन 28 से 31 मई,2026 स्थगित-समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 23, 2026
0
10

इबोला- दुनियाँ में भय का पर्याय-संक्रमण की बढ़ती रफ्तार, बड़े शहरों तक पहुंचना, अंतरराष्ट्रीय स्तरपर गंभीर चिंता का विषय व...

सुंदरता बनाम सुरक्षा-औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (सीडीएससीओ) की सख़्ती- कॉस्मेटिक इंजेक्शन के नाम पर बढ़ते स्वास्थ्य खतरे पर बड़ा प्रहार- समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 22, 2026
0
8

सुंदरता की अंधी दौड़ पर सरकार की रोक- औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और सीडीएससीओ की नई चेतावनी 21...

जातिगत जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक मुहर चुनौती याचिका 20 मई 2026 को खारिज- संवैधानिक वैधता, सामाजिक न्याय और भारत की नई नीति- व्यवस्था की दिशा क़ा व्यापक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 21, 2026
0
10

भारत की जनगणना 2027 डिजिटल इंडिया और डेटा- आधारित गवर्नेंस के सबसे बड़े प्रशासनिक अभियानों में से एक माना जा...

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक रुख-19 मई 2026 को सभी याचिकाएं खारिज- संविधान के अनुच्छेद 21 की व्यापक व्याख्या- जनसुरक्षा बनाम पशु अधिकार की बहस में नया मोड़

by Page 3 News International Desk
May 20, 2026
0
14

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 19 मई 2026 को दिया गया निर्णय आने वाले समय में नगर निकायों, राज्य सरकारों, पशु कल्याण...

अरावप्युचितं कार्यमातिथ्यं गृहमागते। छेत्तुः पार्श्वगताच्छायां नोपसंहरते द्रुमः॥-शत्रु भी यदि अपने घर पर आ जाए तो उसका भी उचित आतिथ्य सत्कार करना चाहिए

by Page 3 News International Desk
May 20, 2026
0
8

आओ रिश्ते,आतिथ्य सत्कार मज़बूती से निभाएं कुछ कह गए कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए - मैं सही...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

May 2026
MTWTFSS
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
« Apr    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • E-Magazine
  • Management Team
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.