मेहनत की राह पर जो हर दिन चलता है,
उसका दिमाग़ नई रोशनी से ढलता है,
पसीने की हर बूँद हुनर निखार देती है,
मुश्किल मंज़िल को भी आसान बना देती है।
सच की जुबाँ में भले मिठास कम होती है,
पर सच्चाई में दिल की हर साँस नम होती है,
झूठ चाहे कुछ पल का सहारा बन जाए,
सच अंततः इंसान को खुद से मिला जाए।
मेहनत सोच को ऊँची उड़ान सिखाती है,
सच्चाई दिल में शांति की लौ जलाती है,
एक से बुद्धि में उजियारा छा जाता है,
दूजे से मन का हर मैल मिट जाता है।
न मेहनत से कभी जीवन को दूर करो,
न सच से अपने अंतर्मन को मजबूर करो,
कर्म तुम्हारी पहचान को ऊँचा कर जाएगा,
सच तुम्हारे चरित्र को अमर बना जाएगा।
मेहनत से दिमाग़ को निर्मल बनाए रखो,
सच बोलकर दिल को उजला बनाए रखो,
किशन यही दो दीप जीवन की राह सजाएँगे,
हमें सफ़लता के साथ सुकून भी दिलाएँगे।

क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318