किसी के दिल को तोड़ना आसान समझ न लेना,
हर आँसू वक्त की किताब में दर्ज़ हो जाता है।
दर्द देकर जो मुस्कुराते हैं अपनी जीत पर,
समय उन्हें वही हिसाब ब्याज सहित लौटाता है।
ज़ख्मों की कोई अदालत दिखाई नहीं देती,
पर ऊपर वाला हर आह का गवाह होता है।
जो दूसरों की राह में काँटे बिछाते हैं,
उनके सफ़र में भी एक दिन वही सिलसिला होताहै
नेकी और बदी दोनों अमानत बनकर रहती हैं,
कर्म का लेखा कभी अधूरा नहीं रहता।
किसी को दुःख देना सबसे भारी कर्ज़ है,
जिसका भुगतान समय कभी टालता नहीं रहता।
दुआओँ की दौलत सबसे बड़ी पूँजी है जीवन की,
बददुआ का बोझ बहुत महँगा पड़ जाता है।
इसलिए मुस्कान बाँटो, सहारा बनो हर दिल का,
यही निवेश कई गुना बनकर लौट आता है।
ऐ इंसान! रिश्तों को मोहब्बत से सँवार कर रखना,
हर शब्द में अपनापन और सम्मान बसाए रखना।
क्योंकि किसी को दिया हुआ दुःख कर्ज़ बन जाताहै
वह एक दिन ब्याज सहित लौटकर अवश्य आता है।
