स्वीकार करने की हिम्मत सफलता का पहला द्वार बनती है
सुधार करने की नियत,हर मंज़िल को साकार करती है।
जो अपनी भूलों से सबक लेकर सामना करना सीख जाता है,
वही हर ठोकर को सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ता चला जाता है।
गलतियों से घबराना नहीं,उनसे सीखकर निखरना चाहिए
हर अनुभव को जीवन का अमूल्य अवसर समझना चाहिए
जो हर हार में छिपे हुए सबक को पहचान लिया करता है
वही समय के हर इम्तिहान में मुस्काकर जीत लिया करता है
अहंकार आँखों पर अक्सर भ्रम का पर्दा डाल देता है
विनम्र स्वीकार हर मन में उजियारा भर देता है।
सुधार की सच्ची चाह जहाँ हर दिन दीप जलाती है
वहीं सफलता चुपके-चुपके जीवन को महकाती है।
इरादे नेक हों तो किस्मत भी राह बदलने लगती है
मेहनत की हर बूँद मंज़िल से मिलकर चमकने लगती है।
जो स्वयं को हर दिन पहले से बेहतर बनाता रहता है
वही इतिहास नहीं,लोगों के दिलों में बसता रहता है।
स्वीकार की शक्ति और सुधार की सोच जीवन का श्रृंगार बने
सत्य,साहस और सत्कर्म हर सपने का आधार बने।
किशन सुझावें सीखते रहो,निखरते रहो,आगे बढ़ते जाओ
हर नई सुबह के साथ सफलता का स्वर्णिम संसार सजाओ।
क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
