धैर्य कभी मत छोड़िए,मंज़िल खुद राह दिखाएगी
सही समय का इंतज़ार करना सीखिए,किस्मत भी मुस्कुराएगी
समय से पहले तोड़ा हुआ फल हमेशा कच्चा कहलाता है
जो ठहरना जानता है,वही जीवन का असली स्वाद पाता है
हर अँधेरी रात के बाद सवेरा भी आता है
हर संघर्ष के बाद सफलता का दीप जल जाता है
जल्दबाज़ी अक्सर सपनों को अधूरा छोड़ जाती है
धैर्य की एक किरण ही मंज़िल तक पहुँचाती है।
बीज भी धरती में रहकर मौसम का इंतज़ार करता है
तभी वह एक दिन विशाल वृक्ष बनकर निखरता है
जो हर कठिनाई में अपना विश्वास बनाए रखता है
समय उसी के जीवन में सफलता का इतिहास लिखता है।
नदी भी चट्टानों से टकराकर अपना रास्ता बनाती है
धीरे-धीरे ही सही, लेकिन मंज़िल तक पहुँच जाती है
धैर्य और परिश्रम जब साथ-साथ चलते हैं
तब अधूरे सपने भी एक दिन सच में बदलते हैं
किशन इसलिए धैर्य कभी मत छोड़िए,समय पर भरोसा रखिए
हर कर्म को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करते रहिए
जो समय का सम्मान करता है,समय उसका मान बढ़ाता है
धैर्य रखने वाला इंसान ही अंत में सच्ची जीत पाता है
क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

