
By Legal Expert Adv. Dr. Nupur Dhamija
साइबर अपराध को इंटरनेट और कंप्यूटर के अवैध उपयोग के रूप में उल्लेखित किया जा सकता है। कंप्यूटर अपराधों का माध्यम हैं या फिर अपराध के लिए एक हथियार के रूप में उपयोग किया जाता है। ये अपराध हमारे दैनिक जीवन का एक आम हिस्सा बन गए हैं। हर दिन कोई न कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो रहा है। विभिन्न प्रयोजनों के लिए एक ही समय में कई लोगों द्वारा इंटरनेट का उपयोग किया जाता है, ये हैकर्स इन अवसरों को अपना रास्ता बनाते हैं।
विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध
फ़िशिंग – इसमें स्पैम ईमेल भेजकर या फेक वेबसाइट के माध्यम से उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करना शामिल है।
पहचान की चोरी – इसमें क्रेडिट या डेबिट कार्ड या फिर बैंक विवरण के बारे में जानकारी प्राप्त करना शामिल है, जानकारी चुरा लेने के बाद आगे अवांछित धन आसानी से निकाला जा सकता है।
मैलवेयर अटैक – मालवेयर एक अवैध सॉफ्टवेयर है जिसे कंप्यूटर या सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया है। यह मतलब की जानकारी तक पहुँचने के लिए या उस सिस्टम का उपयोग करके कुछ अपराध करने के लिए किया जाता है।
एटीएम धोखा – इस अपराध में एटीएम मशीन को पूरी तरह से हैक कर लिया जाता है। अपराधियों द्वारा कार्ड पर अंकित डेटा तथा पिन दोनों तक पहुंचने का तरीका विकसित कर लिया है, इससे वह कार्ड का डुप्लिकेट बनाने में सफल होते हैं और पैसे निकालने के लिए वो उसी का उपयोग करते हैं।
साइबर हैरेसमेंट – अपराधी ऑनलाइन उपायों के माध्यम से व्यक्ति का पीछा करने या परेशान करने में भी काफी सक्रीय है। वे मैलवेयर भेज कर, सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं और सटीक जानकारी प्राप्त करने में सामर्थ होते हैं।
पोर्नोग्राफी – अश्लील वेबसाइटों के माध्यम से यौन गतिविधि वाले वीडियो को प्रस्तुत करने का कार्य।
धोखा देना – इस तरह के अपराध में, आपको एक ईमेल मिलता है जो ऐसा लगता है कि किसी प्रामाणिक स्रोत से ही भेजा गया है, लेकिन यह ऐसा होता नहीं है, यह भ्रामक होता है।
पायरेसी – यह गोपनीय जानकारी तक पहुँचने का एक अनधिकृत तरीका होता है। कई बार सरकारी वेबसाइटों को हैक कर लिया जाता है और फाइलों के महत्वपूर्ण डेटा की पायरेटेड कॉपी बना दी जाती है, जिससे काफी समस्या उत्पन्न होती है या फिर महत्वपूर्ण डाटा नष्ट हो जाता है।
साइबर अपराध जागरूकता
साइबर अपराध के भयावह कार्यों से सुरक्षित रहने के लिए विभिन्न सुरक्षा उपायों का पालन किया जाना चाहिए।
मजबूत पासवर्ड का उपयोग किया जाना चाहिए। पासवर्ड जटिल होना चाहिए, जिसका अनुमान लगाना संभव नहीं हो।
सिस्टम को मैलवेयर से मुक्त रखने के लिए एंटीवायरस प्रोग्राम (सॉफ्टवेयर) का उपयोग करना चाहिए।
सिस्टम को लगातार अपडेट करें।
सतर्क रहें और अपने पहचान तथा महत्वपूर्ण जानकारी की चोरी से बचने के लिए खुद को स्मार्ट और एक्टिव बनायें।
अपने बच्चों को इंटरनेट के बारे में अवगत कराएं, ताकि वे किसी भी दुरुपयोग या उत्पीड़न के बारे में तुरंत अवगत करा सकें, अगर वे ऐसी किसी परिस्थिति से गुजर रहे हैं तो।
सोशल मीडिया पर गोपनीयता सेटिंग्स को बनाए रखें।
साइबर सुरक्षा
साइबर सुरक्षा हमारे सिस्टम, नेटवर्क, उपकरणों और कार्यक्रमों को द्वेषपूर्ण सॉफ़्टवेयर के हमले से बचाती है। इस प्रकार अपराधियों द्वारा डेटा की अवैध पहुंच को रोका जा सकता है।
महत्व – राष्ट्र के किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे या किसी भी डेटा के बारे में जानकारी जो व्यक्तिगत रूप से उपयोग करने के लिए है, अगर साझा किया जाता है तो कई समस्याएं पैदा होंगी। इसलिए अगर कई स्तरों पर सुरक्षा जांच लगाई जाएगी, तो सूचना और महत्वपूर्ण डेटा को लीक होने से बचाया जा सकता है।
साइबर सुरक्षा के प्रकार
नेटवर्क सिक्योरिटी – नेटवर्क को मैलवेयर द्वारा अटैक किए जाने से बचाता है और इसीलिए हमेशा सुरक्षित नेटवर्क का ही उपयोग करना चाहिए।
क्लाउड सुरक्षा – क्लाउड संसाधनों में डेटा की सुरक्षा के लिए साधन उपलब्ध कराये जाते हैं।
सूचना सुरक्षा – डेटा को अनधिकृत या अवैध पहुँच से बचाने में मदद करता है।
एंड-यूजर सिक्योरिटी – सिस्टम में किसी भी बाहरी डिवाइस को लगाने, किसी भी मेल या लिंक को खोलने के दौरान उपयोगकर्ता को सचेत रहना चाहिए।
एप्लीकेशन सिक्योरिटी – सिस्टम और सॉफ्टवेयर को किसी भी खतरे से मुक्त रखने में मदद करता है।
निष्कर्ष
साइबर क्राइम दिन-प्रति-दिन अपने पैर फैलाते जा रहा है। इसके दुष्प्रभाव के शिकार बनने से सुरक्षित रहने का सबसे उचित तरीका सुरक्षा के उपायों का पालन करना है। ऐसे कई तरीके हैं जिनके द्वारा हम अपनी गोपनीय जानकारी को लीक होने से बचा सकते हैं। हालाँकि हमें हमेशा जागरूकता पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि, ‘रोकथाम इलाज से बेहतर है’, खासकर तब जब इलाज उपलब्ध नहीं है।
