• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Sunday, June 14, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • E-Paper
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • E-Paper
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi Editorials

भारत-इज़राइल सामरिक समीकरण, हेक्सागन की अवधारणा से भूचाल-मुस्लिम देशों की एकता को विभाजित करने क़े कयास-दक्षिण एशिया- मध्य पूर्व की नई भू-राजनीति -समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
February 26, 2026
in Hindi Editorials
0
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

RelatedPosts

फास्ट फूड संस्कृति बनाम भारतीय आहार परंपरा:युवाओं के स्वास्थ्य पर बढ़ता संकट

गृहिणियाँ @ गृहिणी नहीं,राष्ट्र निर्माता,नेशन बिल्डर: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- अवैतनिक घरेलू श्रम को मिली कानूनी मान्यता

दयालु, सुविचार,नम्रता से संस्कृति मानव के हृदय में द्वेष, अभिमान अहम,अहंकार जैसे अनेक विकारों को भी आने से डर लगतासादगी से व्यक्ति के कार्यों में

संभवतःहेक्सागनका घोषित उद्देश्य कट्टरपंथी शक्तियों, विशेषकर ईरान-समर्थित नेटवर्क और उग्रवादी संगठनों के विरुद्ध समन्वित रणनीति बनाना है

भारत-इज़राइल संबंधों की प्रगति, संभावित हेक्सागन ढाँचा,पाकिस्तान की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और मध्य पूर्व की बदलती राजनीति पर दुनियाँ की नज़र -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पूरी दुनियाँ की नजरें यह देखकर महसूस कर रही है कि भारतीय पीएम का 25 से 26 फ़रवरी 2026 क़ा दो दिवसीय राजकीय दौरे पर इज़राइल पहुँचना केवल एक द्विपक्षीय यात्रा नहीं,बल्कि 21वीं सदी की बदलती वैश्विक संरचना का प्रतीकात्मक और रणनीतिक संकेत है।इस यात्रा में उनकी मुलाकात इज़राइल के पीएम और राष्ट्रपति से
प्रस्तावित है, साथ ही इज़राइली संसद नेसेट को संबोधित करना एक विशेष कूटनीतिक सम्मान माना जा रहा है। किसी भी विदेशी नेता को नेसेट में भाषण का अवसर मिलना इज़राइल की राजनीतिक प्रणाली में उच्च स्तरीय विश्वास और साझेदारी का संकेत है।पीएम का यह दूसरा इज़राइल दौरा है,जो यह दर्शाता है कि 2017 में स्थापित खुले और प्रत्यक्ष राजनीतिक संवाद की निरंतरता अब सामरिक गहराई में परिवर्तित हो रही है।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह महसूस कर रहा हूं कि इस यात्रा का एक रोचक आयाम यह भी है कि पीएम की उड़ान को वैश्विक स्तरपर सबसे अधिक ट्रैक किया गया।अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट- ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटराडार 24 के आंकड़ों के अनुसार, उनकी फ्लाइट की रियल-टाइम लोकेशन,गति और रूट को दुनियाँ भर के उपयोगकर्ताओं ने अभूतपूर्व संख्या में ट्रैक किया। यह केवल तकनीकी जिज्ञासा नहीं थी,बल्कि वैश्विक राजनीतिक समुदाय की उस उत्सुकता का द्योतक था जो भारत-इज़राइल समीकरण के संभावित प्रभावों को लेकर मौजूद है। जब किसी राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा इस स्तर की डिजिटल निगरानी आकर्षित करे,तो यह संकेत देता है कि उसके निर्णय और वार्ताएँ क्षेत्रीय शक्ति- संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं।
साथियों बात अगर हम इस राजकीय दौरे क़े संदर्भ में कुछ इस्लामिक देश व पड़ोसी मुल्क की चिंता को समझने की करें तो स्वाभाविक रूप से यह उभरती है। इस्लामाबाद लंबे समय से भारत-इज़राइल रक्षा सहयोग को अपनी सुरक्षा नीति के दृष्टिकोण से देखता रहा है। पाकिस्तान की संसद, विशेषकर सीनेट, ने 24 फरवरी 2026 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर भारत- इज़राइल सामरिक समीकरण और तथाकथित हेक्सागन अलायंस की अवधारणा पर आपत्ति दर्ज की। इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि यह गठबंधन मुस्लिम देशों की एकता को विभाजित करने का प्रयास है और क्षेत्रीय शांति के लिए चुनौती बन सकता हैपाकिस्तान की राजनीतिक भाषा में यह प्रतिक्रिया केवल कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा-मानसिकता और भू- राजनीतिक आशंकाओं का प्रतिबिंब है।हेक्सागन अलायंस की अवधारणा, जिसे नेतन्याहू ने एक कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया,मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में गठबंधनों के एक नए तंत्र की ओर संकेत करती है। इस प्रस्तावित संरचना में भारत, इज़राइल, ग्रीस, साइप्रस और कुछ उदारवादी अरब तथा अफ्रीकी देशों के शामिल होने की चर्चा है।इसका घोषित उद्देश्य कट्टरपंथी शक्तियों, विशेषकर ईरान-समर्थित नेटवर्क और उग्रवादी संगठनों के विरुद्ध समन्वित रणनीति बनाना है। यदि इसे व्यापक भू- राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यह पश्चिम एशिया में उभरते बहुपक्षीय सुरक्षा ढाँचों की निरंतरता का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें क्षेत्रीय शक्तियाँ अमेरिका की पारंपरिक भूमिका से परे स्वयं की सामूहिक सुरक्षा संरचना विकसित करना चाहती हैं।पाकिस्तान की सीनेट द्वारा पारित प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया कि यह गठबंधन मुस्लिम उम्माह की एकता को तोड़ने की साजिश है। किंतु अंतरराष्ट्रीय संबंधों के यथार्थवादी दृष्टिकोण से देखें तो गठबंधन प्रायः साझा हितों और सुरक्षा-चिंताओं के आधार पर बनते हैं,न कि धार्मिक पहचान के आधार पर।भारत स्वयं एक बहुलतावादी लोकतंत्र है, जिसकी विदेश नीतिऐतिहासिक रूप से गुटनिरपेक्षता और रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित रही है। इज़राइल के साथ उसकी साझेदारी को केवल धार्मिक या वैचारिक चश्मे से देखना भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को सरल बनाकर सटीक रूप से प्रस्तुत करना होगा।
साथियों बात अगर हम इस पूरे घटनाक्रम में एक अन्य महत्वपूर्ण तत्व सोमालीलैंड की मान्यता के मुद्दे को समझने की करें तो,26 दिसंबर 2025 को इज़राइल द्वारा सोमालीलैंड को स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में मान्यता देने की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई बहस छेड़ दी। पाकिस्तान और लगभग 20 अन्य देशों के साथ-साथ आर्गेनाईजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोआपरेशन ने इसकी आलोचना कीपाकिस्तान की सीनेट ने अपने प्रस्ताव में इस निर्णय को भी क्षेत्रीय संप्रभुता के विरुद्ध बताया। यह स्पष्ट है कि इज़राइल की यह नीति मुस्लिम- बहुल देशों के एक हिस्से में असंतोष का कारण बनी है, और भारत- इज़राइल समीकरण को उसी व्यापक संदर्भ में जोड़ा जा रहा है।भारत के दृष्टिकोण से यह यात्रा केवल रक्षा सौदों तक सीमित नहीं है। मध्य पूर्व भारत के ऊर्जा-स्रोतों, प्रवासी भारतीयों और व्यापारिक हितों का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इज़राइल के साथ घनिष्ठ संबंध, खाड़ी देशों के साथ भारत की मजबूत होती साझेदारी के समानांतर चल रहे हैं। पिछले वर्षों में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के साथ आर्थिक एवं सामरिक संबंधों को सुदृढ़ किया है। अतः यह मान लेना कि भारत किसी मुस्लिम-विरोधी धुरी का हिस्सा बन रहा है,एक अतिसरलीकरण होगा। भारत की नीति संतुलन, बहुपक्षीय सहयोग और व्यावहारिक कूटनीति पर आधारित है।
साथियों बात अगर हम मीडिया कवरेज में जिस प्रकार भूचाल और नींद उड़ने जैसे शब्दों का प्रयोग हो रहा है, इसको समझने की करें तो वह इस विषय की संवेदनशीलता को दर्शाता है। किंतु कूटनीति में भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से अधिक महत्व दीर्घकालिक हितों का होता है। भारत और इज़राइल दोनों ही लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ हैं, जो अपनी सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए साझेदारी कर रहे हैं। पाकिस्तान की प्रतिक्रिया उसकी रणनीतिक चिंताओं का हिस्सा है,परंतु इससे यह निष्कर्ष निकालना कि क्षेत्र युद्ध या अस्थिरता की ओर बढ़ रहा है, अभी जल्दबाजी होगी।
साथियों बात अगर हम भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक साझेदारी को समझने की करें तो बीते एक दशक में बहुआयामी स्वरूप ले चुकी है।रक्षा और सुरक्षा सहयोग तो इसकी धुरी रहे हैं,किंतु विज्ञान एवंप्रौद्योगिकी कृषि नवाचार,जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा,स्टार्टअप पारिस्थितिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी गहराई है।भारत के लिए इज़राइल अत्याधुनिक सैन्य तकनीक, ड्रोन प्रणाली, मिसाइल रक्षा और निगरानी तंत्र का विश्वसनीय स्रोत रहा है,जबकि इज़राइल के लिए भारत एक विशाल बाजार,तकनीकी प्रतिभा और रणनीतिक गहराई प्रदान करता है। इस यात्रा में दोनों नेताओं द्वारा रक्षा सौदों, संयुक्त उत्पादन और लेजर- आधारित हवाई रक्षा प्रणाली पर चर्चा की संभावना ने विशेष ध्यान आकर्षित किया है। यदि भारत इज़राइल की उन्नत लेजर एयर- डिफेंस प्रणाली का भागीदार बनता है,तो यह दक्षिण एशिया में शक्ति-संतुलन को नई दिशा दे सकता है।
साथियों बात अगर हम नेसेट में भारतीय पीएम क़े संबोधन को समझने की करें तो इस साझेदारी के प्रतीकात्मक चरम का प्रतिनिधित्व करेगा। यह भाषण न केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेगा,बल्कि संभवत वैश्विक शांति, आतंकवाद -रोधी सहयोग और तकनीकी साझेदारी के साझा दृष्टिकोण को भी रेखांकित करेगा। इज़राइल के लिए भारत एक उभरती वैश्विक शक्ति है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वहीं भारत के लिए इज़राइल एक ऐसा तकनीकी साझेदार है जो नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है। इस परस्परता ने दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बना दिया है।
साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस यात्रा को समझने की करें तो, अमेरिका यूरोप और मध्य पूर्व के नीति-निर्माताओं द्वारा ध्यानपूर्वक देखा जा रहा है। यदि हेक्सागन जैसी कोई संरचना औपचारिक रूप लेती है, तो यह पश्चिम एशिया में शक्ति-संतुलन को पुनर्परिभाषित कर सकती है।इससे ईरान- केन्द्रित धुरी और उसके सहयोगी देशों की रणनीति पर भी प्रभाव पड़ेगा। दक्षिण एशिया में भारत की रक्षा-क्षमता में वृद्धि पाकिस्तान के रणनीतिक गणित को बदल सकती है, जिससे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा का नया चरण प्रारंभ हो सकता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि भारतीय पीएम की यह यात्रा 21वीं सदी के बहुध्रुवीय विश्व में उभरते नए समीकरणों का प्रतीक है।यह दर्शाती है कि राष्ट्र अब वैचारिक सीमाओं से परे व्यावहारिक साझेदारी की ओर अग्रसर हैं। भारत-इज़राइल संबंधों की प्रगति, संभावित हेक्सागन ढाँचा,पाकिस्तान की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और मध्य पूर्व की बदलती राजनीति-ये सभी मिलकर उस वैश्विक परिदृश्य का निर्माण कर रहे हैं जहाँ गठबंधन लचीले,बहुस्तरीय और हित-आधारित होंगे।आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ करती है या प्रतिस्पर्धा को तीव्र बनाती है,किंतु फिलहाल इतना निश्चित है कि यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो चुकी है।

kishan2 2
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

फास्ट फूड संस्कृति बनाम भारतीय आहार परंपरा:युवाओं के स्वास्थ्य पर बढ़ता संकट

by Page 3 News International Desk
June 14, 2026
0
0

स्वस्थ भारत के निर्माण का मूल मंत्र:टिकाऊ जीवन शैली की ओर लौटें युवाओं में बढ़ते फास्ट फूड के प्रचलन से...

गृहिणियाँ @ गृहिणी नहीं,राष्ट्र निर्माता,नेशन बिल्डर: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- अवैतनिक घरेलू श्रम को मिली कानूनी मान्यता

by Page 3 News International Desk
June 14, 2026
0
0

भारतीय न्यायिक इतिहास में महिलाओं के अवैतनिक घरेलू श्रम को कानूनी, आर्थिक और सामाजिक मान्यता देने वाला एक मील का...

दयालु, सुविचार,नम्रता से संस्कृति मानव के हृदय में द्वेष, अभिमान अहम,अहंकार जैसे अनेक विकारों को भी आने से डर लगतासादगी से व्यक्ति के कार्यों में

by Page 3 News International Desk
June 13, 2026
0
3

गुणवत्ता,चेतना आती है तो दृष्टिकोण में स्पष्टता,इच्छाओं का सही प्रबंधन कर संतुष्टि से खुशियों के द्वार खुलते हैं सादा जीवन...

दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026 ड्राफ्ट : 27 जुलाई 2026 तक सुझाव आमंत्रित- भारत के प्रसारण क्षेत्र में डिजिटल युग के अनुरूप नियामक क्रांति की ओर एक बड़ा कदम

by Page 3 News International Desk
June 13, 2026
0
6

नया मसौदा दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026 एक ऐसे नियामक मॉडल की ओर बढ़ता है जो तकनीकी...

भारत की सड़कों पर ट्रैफ़िक कानून बनाम लापरवाही- क़्या ट्रैफिक कानून हार रहा है?पैसा, पहुंच,पहचान,दबंगई जीत रही है? -लोकतंत्र,जनसंख्या और ट्रैफिक अनुशासन का गहन विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
June 12, 2026
0
1

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के हालिया आंकड़े सड़क सुरक्षा,पर्यावरण संरक्षण और विधि शासन के लिए गंभीर चुनौती है।...

आओ रब दा शुकराना अदा करें हर हाल में ख़ुश रहें

by Page 3 News International Desk
June 12, 2026
0
1

जीवन की छोटी-छोटी बातों में ख़ुशी ढूंढकर ख़ुशी का आनंद लेकर ख़ुश रहें विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक पल ढूंढकर...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

June 2026
MTWTFSS
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930 
« May    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.