महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच अयोध्या सीट पर सियासी गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से पवन पांडेय को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के संभावित प्रत्याशी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में वर्तमान अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के पुत्र अमल गुप्ता का नाम मजबूत संभावित दावेदार के रूप में चर्चा में सामने आ रहा है। हालांकि भाजपा की ओर से अभी अयोध्या विधानसभा सीट के लिए किसी प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अयोध्या विधानसभा सीट प्रदेश की चर्चित सीटों में शामिल है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वेद प्रकाश गुप्ता ने यहां जीत दर्ज की थी। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार उन्हें 1,13,414 मत मिले थे और उन्होंने सपा के तेज नारायण पांडेय (पवन पांडेय) को 19,990 मतों के अंतर से पराजित किया था।
करीब एक दशक से जनसंपर्क में सक्रियता का दावा
अमल गुप्ता के समर्थकों का कहना है कि विधायक प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने लंबे समय से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई है। क्षेत्रीय लोगों की समस्याएं सुनना, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उन्हें उठाना तथा उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी पहचान सहजता, शालीन व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व है। उनका दावा है कि क्षेत्र से आने वाला कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर उनसे संपर्क करता है तो वह उसकी बात सुनने और संबंधित स्तर पर समाधान कराने का प्रयास करते हैं। इसी वजह से लंबे समय से क्षेत्र में सक्रियता को उनकी संभावित दावेदारी की प्रमुख ताकत माना जा रहा है।
जनसमस्याओं को लेकर सक्रियता को बनाया आधार
भाजपा के संभावित दावेदारों की चर्चा के बीच अमल गुप्ता की दावेदारी को उनके समर्थक जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क, जलभराव, बिजली, सफाई, यातायात और स्थानीय स्तर की अन्य समस्याओं को लेकर अधिकारियों से संवाद करना तथा समस्याओं को संबंधित मंच तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में रहा है।
हालांकि किसी भी राजनीतिक दल में टिकट का अंतिम निर्णय संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न पहलुओं के मूल्यांकन के बाद होता है। ऐसे में स्थानीय लोकप्रियता, संगठन में सक्रियता, जनसंपर्क, चुनावी समीकरण और पार्टी की रणनीति जैसे कई पहलू महत्वपूर्ण होंगे।
सपा ने पवन पांडेय को बनाया प्रत्याशी
अयोध्या सीट पर 2027 का मुकाबला पहले ही दिलचस्प हो चुका है। समाजवादी पार्टी ने अगस्त 2026 में अयोध्या विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके बाद भाजपा की ओर से उम्मीदवार को लेकर चर्चाओं ने भी गति पकड़ी है।
अयोध्या सीट के राजनीतिक महत्व को देखते हुए भाजपा के सामने ऐसे चेहरे को मैदान में उतारने की चुनौती होगी, जो संगठन के साथ-साथ क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क भी रखता हो। पार्टी स्तर पर 2027 के चुनाव की तैयारियां पहले से चल रही हैं और प्रदेश की सभी सीटों पर संगठन को मजबूत करने की कवायद जारी है।
टिकट की दौड़ में अभी कई नाम
अमल गुप्ता का नाम चर्चा में आने के बावजूद भाजपा के भीतर अयोध्या विधानसभा सीट के लिए दावेदारों की कतार लंबी मानी जा रही है। पार्टी के कई स्थानीय नेता और सक्रिय कार्यकर्ता टिकट की उम्मीद लगाए हुए हैं। ऐसे में अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भाजपा किस चेहरे पर दांव लगाएगी।राजनीतिक दृष्टि से अयोध्या की सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राम मंदिर के बाद इस क्षेत्र का राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक महत्व और बढ़ा है। 2027 में भाजपा के लिए इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखना चुनौती होगी, वहीं सपा इसे दोबारा हासिल करने की कोशिश में है। राजनीतिक विश्लेषणों में भी अयोध्या को भाजपा-सपा के बीच संभावित कड़े मुकाबले वाली सीटों में गिना जा रहा है।फिलहाल अमल गुप्ता की दावेदारी को समर्थकों के स्तर पर मजबूत बताया जा रहा है, लेकिन भाजपा का आधिकारिक निर्णय सामने आने तक तस्वीर साफ नहीं होगी।
कविता – तू मेहरबाना मेहर करो, मैं नित नित गंदला होता
तू मेहरबाना मेहर करो,मैं नित नित गंदला होता,अपने ही कर्मों के कारण,अंदर से दुखड़ा रोता।माया-मोह ने घेर लिया,मन अपना राह...