महिलाओं के रक्तदान की सराहना करते हुए कहा दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणास्त्रोत: श्रीमती द्रौपदी मुर्मु
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के उजियारे की ओर अग्रसर: राष्ट्रपति
स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला: राज्यपाल
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जीवन देश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत – मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़
चीफ़ ब्यूरो-अनादि पाण्डेय
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि नुआखाई मिलन समारोह केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और भारतीय जीवन-मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि नुआखाई पर्व हमारी कृषि परंपरा को संजो कर रखने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावनाओं का उत्सव है। यह उत्सव हमें याद दिलाता है कि अन्न केवल हमारी भूख मिटाने का साधन नहीं है; बल्कि किसान भाई-बहनों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सब का सामूहिक दायित्व है।
समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, और चुनौतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने, कुछ बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वे अपने व्यक्तिगत प्रयासों को सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ेंगे, तब देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने युवाओं को सपने ऊंचे रखने, अपने विचारों को व्यापक बनाने, श्रेष्ठ आचरण करने और अपने मनोमस्तिष्क में समाज तथा राष्ट्र के प्रति सेवा-भाव बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित किया कि वे जो भी कार्य करें उसे ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं होता बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को जोड़ें। उन्होंने कहा कि ये गुण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनके योगदान को और सशक्त बनाएंगे।
राष्ट्रपति ने नुआखाई मिलन समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी महिलाओं से आग्रह किया कि वे देश और समाज के कार्यों में बढ़-चढ़ कर भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो उसका लाभ केवल उन्हें या उनके परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को भी मिलेगा। उन्होंने पुरुषों, विशेषकर युवाओं, से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों-बेटियों को ऐसा वातावरण प्रदान करें जिसमें वे बिना किसी रुकावट के अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि उनके व्यवहार, सोच और दैनिक आचरण में दिखाई देना चाहिए।
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों और युवाओं की अपनी स्वयं की दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर छत्तीसगढ़ के युवा नक्सलवाद के भटकाव से मुक्त होकर मुख्य धारा में शामिल हो गए हैं। जहां कभी आतंक का अंधेरा था वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन से न केवल युवाओं और उनके परिवारजनों का कल्याण हो रहा है, बल्कि राज्य और भारत के विकास को भी गति मिल रही है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन का शुरूआत छत्तीसगढ़ी में करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के दाई, बहिनी, भाई अउ मयारू लईका मन ला जोहार, छत्तीसगढ़ महतारी की जय। राष्ट्रपति ने कहा कि 1100 से अधिक महिलाओं का रक्तदान करना सराहनीय है, आप सभी शक्ति स्वरूपा है, जोएक साथ रक्तदान किए है। हम किसी से कम नहीं आप सभी देश और दूसरे प्रदेश की महिलाओं के प्रेरणा हैं।उन्होंने कहा कि अब महिलाएं रक्तदान जैसे पुनीत कार्य में आगे हैं, अब वे अबला नही सबला बनना है, साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों को I Can Do It के ध्येय के साथ चलना चाहिए। राष्ट्रपति ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार रथ के चलने पर सभी पहियों की भूमिका होती है, उसी प्रकार जीवन में महिला और पुरूष दोनो की बराबर की भूमिका होती है। बड़े व्यक्ति बनने के बाद पीछे देखना चाहिए और उन्हे भी आगे बढ़ाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि ’छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ को मजबूत करते हुए विकसित एवं समृद्ध छत्तीगसढ़ बनाएं। देश की प्रगति में छत्तीसगढ़ वासियों को अधिक से अधिक योगदान देना है। उन्होंने युवाओं से हर कार्य को निष्ठा और ईमानदारी के साथ करने कहा।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल नई फसल के आगमन की खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि धरती माता के प्रति कृतज्ञता, किसानों के परिश्रम के सम्मान और मिल-जुलकर खुशियां बांटने का उत्सव है। यह हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को प्रदेश के लिए सौभाग्य और प्रेरणा का अवसर बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष, सादगी, समर्पण और सेवाभाव हम सभी के लिए प्रेरक है। उन्होंने युवाओं से सेवा को अपने जीवन का स्वभाव बनाने और नशे एवं भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने रक्तदाताओं, विशेष रूप से महिला रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवाओं में से एक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु जी का छत्तीसगढ़ से गहरा आत्मीय संबंध है। प्रदेशवासियों के मन में उनके प्रति अपार आदर और आत्मीयता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु जी का संपूर्ण जीवन संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। ओडिशा के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी जीवन यात्रा विशेष रूप से देश की बेटियों, युवाओं तथा जनजातीय और ग्रामीण अंचलों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका मार्गदर्शन प्रदेश के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति, नई फसल के स्वागत और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई के पावन अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा और युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं उत्तर विधानसभा विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि नुआखाई पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नुआखाई केवल एक कृषि पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्नदाता किसानों के सम्मान, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यह पर्व हमें अपनी मिट्टी, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं विजय शर्मा, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायकगण सहित संभाग आयुक्त श्री श्याम धावड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा अधिकारी उपस्थित रहेे।

