सच की राह में काँटे हों,फिर भी मुस्कुराना सीखो,
झूठ के मेले में रहकर,सच को निभाना सीखो।
सच केवल शब्द नहीं,आत्मा का उजियारा है,
जिसने सच को जी लिया,उसने जीवन संवारा है।
सच कहने से पहले अपने अंतर्मन को टटोलो,
दुनियाँ से पहले स्वयं के भीतर का पर्दा खोलो।
जब मन में छल न हो,तब सत्य सुगंध बन जाता है,
निर्मल अंतर का हर क्षण,आनंद-दीप जलाता है।
सच कभी तालियों का मोहताज नहीं होता,
सच्चा चरित्र भीड़ में भी अकेला नहीं होता।
आज भले ही झूठ चमके,सच मौन खड़ा रहता है,
समय की अदालत में अंततः सत्य ही बड़ा रहता है।
सच बोलो तो किसी टूटे दिल की आवाज़ भी सुनना,
सच जीयो तो किसी जरूरतमंद का हाथ भी चुनना।
सत्य वही जो मानवता के घावों पर मरहम धरता है,
अपने सुख से पहले जो समाज का दुःख समझता है।
जब सच तुम्हारी सोच,वाणी और कर्म में उतर जाए,
तो जीवन का हर अंधियारा स्वयं प्रकाश बन जाए।
किशन सत्य कोई बोझ नहीं,आत्मा का उत्सव होता है,
सच की सच्चाई का आनंद,जीवन का परम सत्य होता है
