उच्च न्यायालय ने भी राहत देने से किया था इनकार

अयोध्या। नौकरी देने के बहाने दलित किशोरी से छेड़खानी करते हुए गाली गलौज करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी आर पी पाण्डेय को अदालत ने गैर जमानती वारंट के साथ ही फरार घोषित किए जाने का आदेश पारित किया है।
इसके पहले भी कोर्ट द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर करने का आदेश कोतवाली अयोध्या की पुलिस को दिया गया था।
विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट दीपक यादव ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचते हुए एवं अदालत की कार्यवाही की जानकारी रखते हुए भी कोर्ट में हाजिर न होने पर यह आदेश पारित किया है।
आरोपी आर पी पाण्डेय ने विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल किया था जिसमें कोई राहत नहीं मिल पाई।उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी की रिट याचिका को खारिज करते हुए आदेश व रिट याचिका की कॉपी विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट को प्रेषित भी किया गया।
न्यायालय में दर्ज विशेष सत्र परीक्षण पत्रावली के अनुसार घटना थाना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के साकेत पुरी कालोनी की वर्ष 2023 की है।वैद्य का काम करने वाले आर पी पाण्डेय ने एक दलित किशोरी को अपने दवाखाना में काम करने के लिए नौकरी दिया और 5 फरवरी की रात 9 बजे अश्लील हरकत करते हुए छेड़खानी किया।
न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट पर अदालत में पेश न होने एवं अदालत की कार्यवाही की नकल उच्च न्यायालय में दाखिल किए जाने से मामले का भलीभांति संज्ञान होने के आधार पर आरोपी को कोर्ट से फरार घोषित किया गया है।
बताते चलें कि बहुरूपिए वैद्य ने प्रदेश की सबसे बड़ी अदालत को भी गुमराह करने की कोशिश किया था।अदालत से राहत पाने के लिए अपने को दो नाबालिक बच्चों का पिता कहते हुए आरोपी वैद्य द्वारा शपथ पत्र दाखिल किया गया।जबकि आरोपी वैद्य के दोनों लड़के बालिग व शादी शुदा हैं।उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में झूठा शपथ पत्र दाखिल करने के बाबत कार्यवाही की तलवार भी लटक रही है।
