मुस्कुराते रहिए,यही जीवन का मधुर श्रृंगार है,
मुस्कान में छिपा प्रेम,अपनापन और संसार है।
जो दिलों के द्वार खोल दे,वह सबसे प्यारी बात है,
एक मुस्कान से शुरू होती हर रिश्ते की शुरुआत है।
मुस्कान जहाँ बिखरती है,वहाँ खुशियाँ खिल जाती हैं,
सूनी-सूनी राहों में भी आशाएँ मिल जाती हैं।
चेहरे की यह रोशनी मन को सुकून पहुँचाती है,
अनजान दिलों में भी अपनत्व की लौ जलाती है।
फूलों-सी मुस्कान रखो,सुगंध चारों ओर फैलाओ,
रूठे हुए चेहरों पर भी प्रेम की किरणें लाओ।
न कोई मूल्य इसका,न कोई इसका हिसाब है,
फिर भी मुस्कान बाँटना दुनियाँ का सबसे सुंदर जवाब है।
जब शब्द साथ न दें,मुस्कान संवाद बन जाती है,
अनकही भावनाओं की वह पहचान बन जाती है।
पहली मुलाकात में भी दिल से दिल मिलाती है,
अजनबी राहों को भी परिचित बना जाती है।
इसलिए हर सुबह चेहरे पर उजियारा सजाइए,
दुःख कितना भी हो,मुस्कुराकर उसे हराइए।
किशन एक मुस्कान किसी का दिन सँवार सकती है,
शायद किसी टूटे दिल में फिर उम्मीद जगा सकती है।
क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
