चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘आरएसएस@100 : एक सदी संकल्प की’ पुस्तक के विमोचन समारोह के दौरान एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने वरिष्ठ भाजपा स्वयंसेवक डॉ. विजय जौली को देखते ही आत्मीयता से उनका हालचाल पूछा और वर्षों पुराना परिचय याद किया।

श्याम जाजू एवं अनुपम त्रिवेदी द्वारा लिखित इस पुस्तक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्षों के इतिहास तथा राष्ट्र निर्माण एवं समाज सेवा में उसके योगदान को रेखांकित किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद आयोजित हाई-टी के दौरान उपराष्ट्रपति ने डॉ. विजय जौली से बातचीत करते हुए कहा कि जब जौली वैश्विक एनआरआई भाजपा इकाई के प्रमुख थे, तब उन्होंने तमिलनाडु से एनआरआई इकाई में उनकी टीम के साथ कार्य किया था। उपराष्ट्रपति ने मुस्कुराते हुए उन्हें अपना वरिष्ठ बताते हुए पुराने संबंधों को याद किया।
डॉ. विजय जौली ने उपराष्ट्रपति की सादगी और विनम्रता की सराहना करते हुए कहा कि इतने वर्षों बाद भी उन्हें स्नेहपूर्वक याद रखा जाना उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण था। उन्होंने बताया कि इस आत्मीय मुलाकात ने पुरानी यादें ताज़ा कर दीं और उनकी आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं।
