
गया। बिहार विधान सभा के सदस्यों के लिए बिपार्ड, गया में आयोजित दो दिवसीय ‘प्रबोधन कार्यक्रम’ का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि चुनाव जीतना लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है, जबकि जनता का स्थायी विश्वास सेवा और संवेदनशील नेतृत्व से अर्जित होता है। उन्होंने बिहार को रोजगार का केंद्र बनाने तथा युवाओं के पलायन को रोकने का आह्वान किया।
बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गया की आध्यात्मिक एवं ज्ञानपरंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें प्राचीन सांस्कृतिक मूल्यों में निहित हैं। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने बदलते तकनीकी परिवेश और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में जनप्रतिनिधियों के सतत प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संवैधानिक प्रावधानों की समयानुकूल समीक्षा का सुझाव दिया, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में संसदीय प्रक्रियाओं, आचार संहिता, कार्यपालिका की जवाबदेही तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी के संसदीय उपयोग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया। संवादात्मक चर्चाओं और अनुभव-साझाकरण से सदस्यों की संसदीय दक्षता एवं जनसेवा संबंधी दृष्टि को नई ऊर्जा मिली।