चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा डिस्कॉम के सीएजी ऑडिट को मंजूरी देने वाले फैसले का स्वागत करते हुए दावा किया कि इससे पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और निजी बिजली वितरण कंपनियों के बीच कथित मिलीभगत उजागर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने वित्तीय जवाबदेही से बचने के लिए ऑडिट का विरोध किया और दिल्लीवासियों पर ₹38,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश की।
सूद ने कहा कि वर्ष 2015 के फैसले का हवाला देकर यह दावा किया गया था कि डिस्कॉम का सीएजी ऑडिट नहीं कराया जा सकता, जबकि हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उस फैसले में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियों द्वारा ऑडिट का विरोध और अदालत का रुख करना इस बात का संकेत है कि खातों की जांच से बचने का प्रयास किया जा रहा था।
बिजली मंत्री ने कहा कि उपराज्यपाल कार्यालय ने सीएजी ऑडिट से संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी है और बिजली कंपनियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए किसी भी उपभोक्ता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ने देगी।
सूद ने भरोसा दिलाया कि सीएजी ऑडिट के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी पद पर हों।