चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली

नई दिल्ली: राष्ट्र सेविका समिति के उत्तर क्षेत्र के 15 दिवसीय प्रबोध वर्ग का समापन रविवार को दिल्ली के नेहरू नगर स्थित जी.एल.टी. सरस्वती बाल मंदिर में आयोजित समारोह के साथ हुआ। 6 जून से शुरू हुए इस प्रशिक्षण वर्ग में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित उत्तर क्षेत्र के पांच प्रांतों से 143 सेविकाओं ने भाग लिया, जिनमें 84 शिक्षार्थी शामिल थीं।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए समिति की प्रमुख संचालिका वंदनीय शांता अक्का जी ने कहा कि परिवार समाज की आधारशिला है और महिलाओं व नागरिकों में कर्तव्यबोध विकसित होने पर ही समाज की वास्तविक उन्नति संभव है। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित जीवन, श्रेष्ठ संस्कार और राष्ट्रनिष्ठ परिवार ही मजबूत समाज का निर्माण करते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद, बाल गंगाधर तिलक और छत्रपति शिवाजी महाराज की माताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि आज समाज को गुणात्मक संगठन, कार्य विस्तार और सज्जन शक्तियों के व्यापक एकीकरण की आवश्यकता है। राष्ट्र सेविका समिति पिछले 90 वर्षों से महिलाओं के बीच इसी दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर श्रुति त्रिपाठी ने सेविकाओं को राष्ट्र सेवा, आत्मरक्षा और आत्मबल के साथ निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। वर्गाधिकारी निधि शर्मा ने बताया कि 15 दिवसीय प्रशिक्षण में बालिकाओं, किशोरियों और महिलाओं का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास किया गया तथा उन्हें भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से परिचित कराया गया। सुनीता भाटिया दिल्ली प्रांत कार्यवाहिका ने भी प्रवेश व प्रबोध वर्गों के महत्व पर बल दिया।
प्रबोध वर्ग में 14 वर्ष से लेकर लगभग 55 वर्ष तक की महिलाओं ने भागीदारी की। यहां एक साथ रहकर उन्होंने सामाजिक समरसता,आत्मनिर्भरता, आत्मरक्षा और आत्म स्वाभिमान जैसे गुण सीखेंI इस वर्ग से जो युवतियां निकलेंगी यह तय है कि वे अपनी रक्षा स्वयं कर सकेंगी I यह प्रबोध वर्ग बालिकाओं और महिलाओं के जीवन को नयी दिशा देते हैं I छोटी बालिकाओं के मन मस्तिष्क में जो बीज बो दिया जाता है वही उनकी जीवन यात्रा का मजबूत आधार बनता है I वे यह सीखकर जाती हैं कि जीवन केवल अपने लिए नहीं होता बल्कि वह समाज और देश के लिए भी होता है I समापन समारोह में प्रतिभागियों ने नियुद्ध (जूडो-कराटे), योग, दंड प्रहार, योगासन और यष्टि के आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

मुख्य अतिथि प्रसिद्ध उद्योगपति आरती सहगल ने कहा कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है और प्रतिभाशाली महिलाओं की भूमिका देश के विकास में निर्णायक होगी। उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया।
उत्तर क्षेत्र कार्यवाहिका चंद्रकांता जी, उत्तर क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख सुरेंद्रा जी, सुनीता भाटिया (दिल्ली प्रांत कार्यवाहिका), विजया शर्मा (उत्तर क्षेत्र प्रचारिका व अखिल भारतीय महाविद्यालयीन तरुणी प्रमुख) , प्रतिभा बिष्ट (दिल्ली प्रांत सह कार्यवाहिका) , अधिकारीगण, सेविका बहनें और अभिभावक गण के साथ बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन दिल्ली प्रांत बौद्धिक प्रमुख सरिता आनंद जी ने किया तथा निधि शर्मा जी ने वर्ग विवरण प्रस्तुत किया। वर्ग कार्यवाहिका प्रतिभा बिष्ट जी ने समिति परिचय दिया।
समारोह में उत्तर क्षेत्र और दिल्ली प्रांत के विभिन्न पदाधिकारियों, सेविका बहनों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। समिति के अनुसार वर्तमान में देशभर में उसकी लगभग 4 लाख सेविकाएं, 4,125 शाखाएं, 45 पूर्णकालिक प्रचारिकाएं तथा 100 विस्तारिकाएं संगठन के विस्तार और राष्ट्र निर्माण के कार्य में सक्रिय हैं।
