चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली

नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राजधानी की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह फैसला लाखों परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आएगा। वर्षों से अनिश्चितता में जीवन बिता रहे इन कॉलोनियों के निवासियों को अब कानूनी मान्यता मिलने से उनके भविष्य को लेकर चिंता दूर होगी। उन्होंने इसे एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि इससे नागरिकों को आत्मसम्मान, स्थिरता और विकास की नई राह मिलेगी।
कैबिनेट मंत्रियों ने भी इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है, जो लंबे समय से उपेक्षा और असुरक्षा का सामना कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में कुल 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों का नियमितीकरण ‘जैसा है, जहां है’ आधार पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया में लेआउट प्लान की स्वीकृति आवश्यक नहीं होगी और सभी भूखंडों व भवनों का उपयोग आवासीय माना जाएगा। इस योजना से लगभग 45 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि नियमितीकरण की प्रक्रिया अब डीडीए के बजाय सीधे दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत आवेदन से लेकर कन्वेयंस डीड जारी होने तक की समय-सीमा तय की गई है—7 दिनों में जीआईएस सर्वे रिपोर्ट, 15 दिनों में डिफिशिएंसी रेजोल्यूशन और 45 दिनों के भीतर कन्वेयंस डीड जारी करना अनिवार्य होगा।
इस योजना के तहत आवेदन 24 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन ‘स्वागम पोर्टल’ के माध्यम से शुरू होंगे। साथ ही, एमसीडी द्वारा नियमितीकरण प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे और पीएम-उदय रजिस्टर का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर इन कॉलोनियों के सुनियोजित विकास के लिए काम करेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 800 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा और जीवन स्तर में सुधार लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियां दिल्ली के शहरी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके बिना राजधानी के विकास की कल्पना अधूरी है। संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण आपात स्थितियों में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए फायर सर्विसेज को भी मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह पहल दिल्ली को योजनाबद्ध, आधुनिक और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।