ड्रेनों की डी-सिल्टिंग, कचरा व जलकुंभी हटाने का काम होगा तेज; जलभराव की समस्या कम करने का लक्ष्य
चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बडुसराय पुल के पास नजफगढ़ ड्रेन और पंखा रोड ड्रेन की सफाई के लिए अत्याधुनिक अम्फीबियस एक्स्कावेटर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन हाईटेक मशीनों की मदद से ड्रेनों की डी-सिल्टिंग, कचरा हटाने और जलकुंभी की सफाई का कार्य तेज और प्रभावी तरीके से किया जाएगा। इससे पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार नालों की सफाई और यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा ड्रेन है और शहर के कुल नालों से निकलने वाली लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट इसी ड्रेन के माध्यम से आती है। वर्षों से जमा सिल्ट को निकालना पहले बेहद कठिन माना जाता था, लेकिन अब फ्लोटिंग अम्फीबियस मशीनों की मदद से ड्रेन के बीचोंबीच जाकर गाद निकाली जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुमान के अनुसार नजफगढ़ ड्रेन में एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा है। इसे हटाने के लिए सरकार ने आधुनिक अम्फीबियस मशीनों का उपयोग शुरू किया है। एक मशीन पहले ही लाई जा चुकी थी, जबकि शुक्रवार को चार नई मशीनों का जलावतरण किया गया। शेष मशीनें भी जल्द विभाग को उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब केवल मॉनसून से पहले ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष ड्रेनों की डी-सिल्टिंग का कार्य किया जाएगा, ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार मां यमुना और उससे जुड़ी बड़ी ड्रेनों की सफाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य यमुना को अविरल और निर्मल बनाना तथा दिल्ली को स्वच्छ, सुरक्षित और जलभराव से मुक्त बनाना है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि अत्याधुनिक अम्फीबियस मशीनों के उपयोग से वर्षों से जमा सिल्ट, कचरा और जलकुंभी को प्रभावी ढंग से हटाया जा सकेगा। इससे ड्रेनों की जल प्रवाह क्षमता बढ़ेगी और बरसात में जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
वहीं कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पंखा रोड के सौंदर्यकरण और पंखा रोड ड्रेन की सफाई का जो वादा किया गया था, उसे सरकार पूरा कर रही है। लंबे समय से ड्रेन की सफाई नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को बरसात में जलभराव और दुर्गंध की समस्या का सामना करना पड़ता था। अब ड्रेन की नई दीवारों का निर्माण कराया गया है और पहले 100 दिनों के भीतर ड्रेन की प्रारंभिक सफाई तथा एक हिस्से का सौंदर्यकरण कार्य पूरा किया जा चुका है।
स्थानीय समस्याओं के समाधान का भरोसा
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए कहा कि हाई टेंशन लाइन, पानी की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ बैठक कर जल्द निर्णय लिया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार पानी और सीवर लाइन का विस्तार किया जाएगा तथा स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के लिए डिस्पेंसरी भी स्थापित की जाएंगी।
मशीनों की खासियत
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से इन मशीनों को बडुसराय पुल, काकरोला, द्वारका और उत्तम नगर सहित कई स्थानों पर तैनात किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इन मशीनों से पूरे वर्ष ड्रेनों की डी-सिल्टिंग जारी रखी जाए।
शॉर्ट बूम अम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 1.27 करोड़ रुपये है, जिसमें 6 मीटर लंबा बूम, 0.20 घन मीटर बकेट क्षमता और 65 एचपी इंजन लगा है। यह मशीन संकरे ड्रेनों में भी आसानी से काम कर सकती है।
वहीं लॉन्ग बूम अम्फीबियस मशीन की लागत करीब 3.15 करोड़ रुपये है। इसमें 15 मीटर लंबा बूम, 0.50 घन मीटर बकेट क्षमता और 135 एचपी इंजन है, जो करीब 9 मीटर गहराई तक काम करने में सक्षम है। ये मशीनें सूखी, दलदली और पानी भरी परिस्थितियों में भी सिल्ट, कचरा, मलबा और जलकुंभी हटाने में प्रभावी हैं।


