चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली

दिल्ली सचिवालय में संत श्री गाडगे महाराज जयंती पर भव्य आयोजन, समाज सुधार के संदेश से गूंजा सभागार
नई दिल्ली। दिल्ली सचिवालय में आज संत श्री गाडगे महाराज की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजे इस विशेष कार्यक्रम ने स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम में कलाकारों ने संत गाडगे महाराज के जीवन और उनके समाज सुधार आंदोलनों को मंचित किया। भजनों के माध्यम से बताया गया कि किस प्रकार उन्होंने गांव-गांव जाकर स्वच्छता, अंधविश्वास उन्मूलन और शिक्षा का अलख जगाया। हैजा जैसी बीमारियों से बचाव में स्वच्छता की भूमिका को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने किया प्रेरक आह्वान
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने कहा कि संतों ने सदैव मानवता को जोड़ने का काम किया है, तोड़ने का नहीं।
उन्होंने कहा, “जो 70 वर्षों में कभी नहीं हुआ, वह संत की चेतना ने आज कर दिखाया। यह हमारा सौभाग्य है कि हम दिल्ली सचिवालय में ऐसे महान संत की जयंती मना रहे हैं।”
मंत्री श्री सिंह ने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा,
“नींव का पत्थर बनिए। जहां भी रहें, सप्ताह में एक बार स्वच्छता अभियान अवश्य चलाइए। केवल मंच सजाने से परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि आपके प्रयास और परिश्रम से ही समाज बदलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी ने एक बार फिर स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को सिद्ध किया है—और यही संदेश संत गाडगे महाराज वर्षों पहले दे चुके थे।
संतों की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
मंत्री श्री सिंह ने उल्लेख किया कि हाल ही में संत रविदास जी की जयंती भी दिल्ली सचिवालय में भव्य रूप से मनाई गई थी। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक रूप दिया जाएगा, ताकि संतों के विचार अधिकाधिक लोगों तक पहुँच सकें।
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, समाज के प्रबुद्धजन और विशेष रूप से धोबी समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दिल्ली सचिवालय में गूंजते भजनों और स्वच्छता के संकल्प के साथ यह संदेश स्पष्ट रहा—संतों के विचार केवल इतिहास नहीं, आज की आवश्यकता हैं।
