नई दिल्ली। कृषि-खाद्य प्रणाली में महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर विकसित करने की दिशा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने सकारात्मक पहल के संकेत दिए हैं। इस संबंध में इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स फॉर एससी, एसटी एंड विमेन एंटरप्रेन्योर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबीर पाल द्वारा दिए गए सुझावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए परिषद के उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह ने कहा है कि महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
आईसीएआर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कृषि-खाद्य प्रणाली में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने संबंधी सुझाव अत्यंत प्रासंगिक हैं। पत्र में यह भी उल्लेख है कि ये सुझाव इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को और सुदृढ़ करने में सहायक हो सकते हैं।
परिषद के अनुसार, उसके अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) विभिन्न राज्यों में महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए क्षमता निर्माण, कौशल विकास और कृषि-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु लगातार प्रशिक्षण, प्रायोगिक प्रदर्शन और विस्तार गतिविधियाँ चला रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन और कृषि-आधारित व्यवसायों से जोड़ना है, ताकि उनकी आय और आत्मनिर्भरता दोनों में वृद्धि हो सके।
पत्र में यह भी कहा गया है कि श्री सुबीर पाल के सुझावों के आधार पर परिषद इन पहलों को और अधिक सुदृढ़ तथा व्यापक बनाने की दिशा में प्रयास करेगी। विशेष रूप से महिला-केंद्रित उद्यमिता विकास, डिजिटल विपणन, ई-कॉमर्स के माध्यम से बाजार से जुड़ाव तथा अनुसंधान संस्थानों और महिला उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
आईसीएआर ने आगे की रणनीति तय करने और प्रस्तावित पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक मार्गदर्शन बैठक आयोजित करने की भी बात कही है। इसके लिए संबंधित पक्षों से उपयुक्त समय और स्थान सुझाने का अनुरोध किया गया है। पत्र के अंत में इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स फॉर एससी, एसटी एंड विमेन एंटरप्रेन्योर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबीर पाल को उनके महत्वपूर्ण सुझावों के लिए धन्यवाद भी दिया गया है।
