महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या। आंध्र प्रदेश में आयोजित 51वीं जूनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। इस उपलब्धि में अयोध्या जनपद के उसरु निवासी हर्ष तिवारी की भूमिका बेहद अहम रही, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से कुल 28 टीमों ने भाग लिया। चार दिनों तक चले कड़े मुकाबलों में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार तालमेल और दमदार रणनीति के साथ मुकाबले जीते। क्वार्टर फाइनल में उत्तर प्रदेश ने चंडीगढ़ को हराया, जबकि सेमीफाइनल में गोवा को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश का सामना स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की टीम से हुआ, जहां कड़े संघर्ष के बाद साई विजेता बनी और उत्तर प्रदेश उपविजेता रहा।
उत्तर प्रदेश कबड्डी संघ के अध्यक्ष विकास सिंह ने इस उपलब्धि पर सभी खिलाड़ियों, कोच, मैनेजर, संघ के पदाधिकारियों और कबड्डी प्रेमियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में उत्तर प्रदेश द्वारा नेशनल गेम्स में गोल्ड, सीनियर नेशनल में ब्रॉन्ज और अब जूनियर नेशनल में सिल्वर मेडल जीतना यह साबित करता है कि प्रदेश में कबड्डी तेजी से प्रगति कर रही है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रही है।
अयोध्या के उसरु निवासी हर्ष तिवारी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल कौशल के बल पर उत्तर प्रदेश की टीम में स्थान बनाया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनके आक्रामक और संतुलित खेल की जमकर सराहना हुई। खेल प्रेमियों का मानना है कि आने वाले समय में हर्ष तिवारी प्रदेश और देश के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।
अध्यक्ष विकास सिंह ने आगामी 24 से 27 फरवरी तक गुजरात में आयोजित होने वाली सीनियर नेशनल कबड्डी मेन्स चैंपियनशिप के लिए उत्तर प्रदेश टीम को शुभकामनाएं भी दीं।
अयोध्या के विकास सिंह की पहल से कबड्डी को मिली नई दिशा
उत्तर प्रदेश कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं अयोध्या निवासी विकास सिंह की सक्रिय पहल और निरंतर प्रयासों से प्रदेश में कबड्डी को नई मजबूती मिली है। प्रशिक्षण शिविरों, प्रतियोगिताओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के कारण अब बड़ी संख्या में युवा कबड्डी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कबड्डी के प्रति बढ़ता रुझान इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में यह खेल भविष्य में और ऊंचाइयों को छुएगा।