महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य ने वंदे मातरम को सर्वोपरि बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान मजहब, पंथ और धर्म से ऊपर हैं।
परमहंसाचार्य के अनुसार देश में रहने वाले हर भारतीय को वंदे मातरम को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के लिए “पहले वंदे मातरम, फिर जय श्री राम” होना चाहिए।
मुस्लिम एवं ईसाई समुदाय के लोगों से भी अपने धार्मिक नारों से पहले वंदे मातरम कहने की अपील की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग वंदे मातरम को अनिवार्य करने के विरोध में दलीलें दे रहे हैं।
परमहंसाचार्य ने कहा कि यह विरोध राष्ट्रहित के विपरीत मानसिकता को दर्शाता है।
उनके मुताबिक कुछ नेता वंदे मातरम को लेकर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सोच आगे चलकर राष्ट्र के लिए खतरा बन सकती है।
परमहंसाचार्य ने सभी नागरिकों से राष्ट्रगीत के सम्मान को सर्वोच्च स्थान देने की अपील की।