आर पी तोमर
नई दिल्ली, 30 नवंबर।
संसद का शीतकालीन सत्र कल सोमवार एक दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है। विपक्ष विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को लेकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बना रहा है। सत्र के दौरान संसद के अंदर से लेकर बाहर तक एसआईआर पर विपक्ष का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। वहीं, सरकार मदनी के जिहाद विवाद पर आक्रामक रुख अपना सकती है। सरकार इस सत्र में परमाणु ऊर्जा विधेयक सहित दस विधेयक पेश कर सकती है। एसआईआर प्रक्रिया शुरु होने के बाद सबसे पहले हुए बिहार चुनाव में एनडीए को शानदार जीत मिली है, जबकि विपक्षी महागठबंधन को नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बाद से ही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने एसआईआर पर आक्रामक रुख बनाकर रखा है। इधर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस भी एसआईआर को लेकर लगातार आक्रामक है और वह चुनाव आयोग को भी घेरने का काम कर रही है। ऐसे में सदन में भी इन दलों का विरोध जारी रह सकता है। सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, डेरेक ओ ब्रायन सहित कई दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। विपक्ष ने इस बैठक में ही सरकार से एसआईआर पर बातचीत करने की बात कही है। संसद सत्र के ठीक पहले, जमीयत उलमा-ए-हिंद के नेता मौलाना महमूद मदनी ने एक बयान देकर पूरे देश का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। उन्होंने ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा’ और ‘वंदे मातरम के सामने नहीं झुकने’ जैसी बातें कही हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया है। ऐसे में सत्ता पक्ष इस मुद्दे पर बहस कर विपक्ष को उसी के पाले में घेरने की कोशिश कर सकता है।
एस आई आर पर चर्चा नही हुई तो संसद नही चलने देंगे: रामगोपाल
समाजवादी पार्टी ने रविवार को कहा कि अगर शीतकालीन सत्र के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा नहीं हुई तो वह संसद नहीं चलने देगी। संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि सरकार एसआईआर पर चर्चा करने से पीछे नहीं हट सकती है, क्योंकि इसे चुनाव आयोग द्वारा कराया जा रहा है।
रामगोपाल यादव ने कहा, समाजवादी पार्टी ने एसआईआर का मुद्दा इसलिए उठाया है क्योंकि बड़े पैमाने पर मैंने गड़बड़ियां देखी हैं। पहले हम सुनते थे लेकिन अब हम देख रहे हैं कि लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। बिहार में गड़बड़ियां हुई हैं। हमने इस पर चर्चा की मांग की है। वे चुनाव आयोग का हवाला देकर इससे पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने कहा कि ईसी सरकार ने बनाया है और बनाने वाला, बनाए गए से बड़ा होता है। रामगोपाल यादव ने कहा, जब गलत काम हो रहा हो तो चर्चा क्यों नहीं हो सकती। अगर प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) का नाम काट दिया जाए तो क्या चर्चा नहीं होगी? मैं कई जगहों पर गया हूं, और अभी भी घूम रहा हूं। मैं 1967 से वोटर हूं। इटावा जिले में हम सभी को कैटेगरी सी में रखा गया है। पूरे जिले में सभी को कैटेगरी सी में रखा गया है। हमारे जिले से संसद के दोनों सदनों के सात एमपी और तीन एमएलए हैं और उनमें से हर एक को कैटेगरी सी में रखा गया है।
यह बैठक एक सुचारु सत्र सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें कई नए विधेयक पेश किए जाने हैं। शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। इस सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। विपक्ष ने इसे संक्षिप्त सत्र कहा है, क्योंकि सामान्यतः संसद के सत्रों में 20 बैठकें होती हैं।
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