• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Wednesday, February 11, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi Editorials

सफ़लता का सिद्धांत-कम बोलिए सोच समझ कर बोलिए ऐसे शब्द बोलिए कि सामने वाला इंप्रेस हो जाए

by Page 3 News International Desk
February 10, 2026
in Hindi Editorials
0
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

किसी भी विषय वस्तु पर अपनी राय बनाते, शब्दों का चयन करते समय विवेकपूर्ण हाजिर मंथन ज़रूरी

जीवन में छोटी-छोटी बातें विभित्सक रूप धारण कर सकती है, इसलिए निर्णय से पहले सटीकता परखना जरूरी – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत पूरी दुनियाँ में बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाना जाता है, क्योंकि यह आवाज 142.6 करोड़ जनसांख्यिकीयतंत्र की आवाज़ होती है इसलिए पूरी दुनियाँ के प्रमुख व्यक्तित्व गंभीरता से भारत के बयानों पर ध्यान देकर उसका उचित विवेकपूर्ण मंथन कर सकारात्मक समझ निकालते हैं।हालांकि अपवाद स्वरूप कुछ देश ऐसे भी हैं जो भारत की बातों को विवादों में भी ले जाने की कोशिश करते हैं। हम भारत माता के वंशज हैं। संस्कृति, सभ्यता हमारे लहू में समाई हुई है। हम दैनिक जीवन में भी अपनी राय बेबाकी से रखने में विश्वास रखते हैं क्योंकि हम लोकतंत्र की छत्रछाया में रहने के आदी हैं, परंतु हम में से कई लोग ऐसे भी हैं जो अपनी राय बनाने में गंभीर नहीं हैं बिना सोचे समझे बयान बाजी, राय देना सलाह देना, किसी भी बात का नकारात्मक मतलब निकालना, बिना बात के झगड़ा बढ़ाना, सहनशीलता संवेदनशीलता और सहिष्णुता की कमी के कारण जीवन में छोटी-छोटी बातों का परिणाम विभित्सक रूप धारण कर लेता है जिससे हमारी जान के लाले भी पड़ जाते हैं इसलिए हमें चाहिए कि किसी भी विषय वस्तु, बात,स्थिति पर अपनी राय बनाते,शब्दों का चयन करते l समय विवेकपूर्ण हाजर मंथन कर उस बात को रखना अपेक्षाकृत सटीक होगा, उस राय की सटीकता का विचार भी कुछ पलों में कर नपी तुली समझ का परिचय देना जरूरी है। चूंकि हम वैश्विक स्तरपर भारत की राय और भारत माता के सपूतों की राय प्रकट करने की बात कर रहे हैं, इसीलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे आओ सोच समझकर अपनी राय बनाए, वाणी बोले।
साथियों बात अगर हम अनेक मुद्दों पर मनीषियों की राय की करें तो दरअसल, हर मुद्दे को लेकर सबकी राय अलग अलग होती है, ऐसे में कई लोग सही तरह से राय व्यक्त न कर पाने के कारण भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं, तो कुछ लोग दिलचस्प तरीके से अपनी बात रखकर भीड़ से अलग पहचान बनाने में कामयाब हो जाते हैं,आमतौर पर हर चीज को लेकर सभी लोगों कि अपनी अपनी राय होती हैं, ऐसे में ज्यादातर लोग नुक्कड़ पर राजनीतिक चर्चा से लेकर सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और घरेलू मामलों में अपनी राय देने से पीछे नहीं हटते हैं। हालांकि, इस दौरान कुछ लोगों की राय भीड़ से बिल्कुल अलग होती है. वहीं अगर हम चाहें तो कुछ इंप्रेसिव तरीकों से अपनी राय को सबसे अलग बना सकते हैं।
साथियों कई बार जल्दी जल्दी में राय देने के चक्कर में हम अपनी बात को सही तरीके से पेश नहीं कर पाते हैं, ऐसे में न सिर्फ हम सामने वाले को अपनी बात समझाने में असफल हो जाते हैं बल्कि सामने बैठे लोग हमारी बात का गलत मतलब भी निकाल सकते हैं, इसलिए हमें अपनी राय रखने से पहले शब्दों का चुनाव काफी सोच-समझ कर ही करना है। वैसे तो हर मुद्दे पर सभी का अलग राय होती है, वहीं राय सही या गलत भी हो सकती है, मगर राय रखते समय कई लोग अपनी बात को इतने खास अंदाज में बयां करते हैं कि हम चाहकर भी उनकी बात का विरोध नहीं कर पाते हैं। हालांकि, अगर हम चाहें तो राय देने के इस दिलचस्प तरीके को अपनी व्यक्त्तित्व में भी शामिल कर सकते हैं।
साथियों बात अगर हम राय देने में शब्दों के चयन की करें तो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में भी हमें शब्दों का चयन सोच समझ कर करना चाहिए, चाहे किसी से बात करने के क्रम में हो या किसी समारोह में या किसी वाद विवाद में। ऐसा माना जाता है कि हथियार या चोट के घाव तो भर जाते हैं पर शब्दों के घाव हमेशा ताजा रहते हैं। किसी मित्र की टांग खिंचाई में बड़ा मजा आता है पर ऐसा करने में हम इतने मशगूल हो जाते हैं कि कुछ अनचाहा कह जाते हैं। कुछ ऐसा ही क्रोध के समय भी होता है। इसीलिए क्रोध के समय अप्रिय बातें करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यदि किसी को सलाह दी जाए तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि हमारे शब्दों से उसके आत्मसम्मान को ठेस ना पहुंचे। यदि सही शब्दों का चयन किया जाए तो आदेश भी निवेदन लगेगा और बिना किसी के अहम को ठेस पहुंचे सब का काम हो जाएगा।
साथियों इसके साथ ही हमें अपने कहे गए शब्दों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। चाहे अनचाहे यदि आपकी बातों से किसी की भावनाएं आहत हो तो हमें उन बातों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, ना कि तरह-तरह के बहाने बनाकर अपनी बातों को सिद्ध करना चाहिए। ऐसा करके हम अनावश्यक बहस से निजात पा सकेंगे और सामने वाले के मन में भी सम्मान के पात्र बनेंगे। वास्तव में हमारे शब्द हमारे हृदय की प्रेम की अभिव्यक्ति हैं। अब यह हमारे ऊपर है कि हम इस प्रेम को संसार में लुटाएं या प्रेम की जगह घृणा फैलाएं। प्रेम पूर्वक की गई आलोचना किसी को सही मार्ग पर ला सकती है या अप्रिय शब्दों से युक्त अच्छी सलाह उसे गलत रास्ते को चुनने की ओर प्रेरित कर सकती है। इसलिए हमें शब्दों के खजाने को निरंतर बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि इनका प्रयोग संसार में खुशियां बांटने में किया जा सके।अतएव सोच समझकर शब्दों का चयन करें।
साथियों बात अगर हम अपनी राय शाब्दिक अभिव्यक्ति के बाद तीसरे सबसे कीमती सोने पर सुहागा वाणी की करें तो, कबीर दास जी का यह दोहा और उसका अर्थ सबने सुना होगा, ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोय,औरन को शीतल करे आपहुं शीतल होय,हम सब इसका अर्थ भी जानते हैं पर हम में से ऐसे कितने हैं जो इन पर अपनी मौजूदा जिंदगी में अमल करते हैं। यह सिर्फ एक दोहा नहीं है,एक फिलॉसफी है कि हम अपने शब्द का चुनाव सोच समझकर करें। आखिर शब्द ही हैं जो दोस्त को दुश्मन और दुश्मन को दोस्त बनाने की काबिलियत रखते हैं। द्रौपदी के कहे तीखे शब्द, जो उसने दुर्योधन को कहे, महाभारत के युद्ध का एक कारण बने। दूसरी तरफ दुर्योधन के शब्दों ने कर्ण को अपना मित्र बना लिया। यह दिखाता है कि किस प्रकार शब्द अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हम बिना सोचे-समझे किसी की बात को गलत कह देते हैं, क्या यह कहना इतना आसान होता है, बिना यह जाने कि पूरी बात क्या है?
साथियों एक प्रख्यात कहावत के कुछ इस तरह बोल हैं:शब्द तीर की तरह होते हैं, एक बार ज़ुबान की कमान से निकल गए तो आप उन्हें दोबारा वापिस नहीं ले सकतें।हम बिना सोचे समझे किसी की बात को गलत कह देते हैं- आखिर क्यों?क्योंकि हम समझने के लिए नहीं बल्कि प्रतिक्रिया देने के लिए सुनते हैं। हम मन ही मन धारणाएं बना लेते हैं और हमारी प्रतिक्रियाओं के साथ तैयार होते हैं। हम सामने वाले की बातों को समझकर नहीं सुनते। और इसकी कई वजहें हैं जिनके बारे में मैं इस उत्तर में नहीं समझा सकतीं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे किसफ़लता का सिद्धांत-कम बोलिए सोच समझ कर बोलिए ऐसे शब्द बोलिए कि सामने वाला इंप्रेस हो जाए किसी भी विषय वस्तु पर अपनी राय बनाते, शब्दों का चयन करते समय विवेकपूर्ण हाजिर मंथन जरूरी है। जीवन में छोटी-छोटी बातें विभित्सक रूप धारण कर सकती है इसलिए निर्णय से पहले सटीकता परखना जरूरी है।

kishanchand sanmukhadas Bhawnani 1
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

RelatedPosts

आज की दुनियाँ में पैसा अतिआवश्यक है। लेकीन मन का संतोष, प्रसन्नता उससे भी अधिक आवश्यक है,

विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकट: -निर्धारित ड्रेसकोड पहचान पत्र नदारद- अनुशासन,जवाबदेही और प्रशासनिक संस्कृति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य -एक समग्र विश्लेषण

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी- अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना चाहिए

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

आज की दुनियाँ में पैसा अतिआवश्यक है। लेकीन मन का संतोष, प्रसन्नता उससे भी अधिक आवश्यक है,

by Page 3 News International Desk
February 10, 2026
0
0

आज की दुनियां मे वो सबसे अधिक खुश है जिसके पास प्रसन्नता, मन की शांती, संतोष भरा मन है दुनियां...

विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकट: -निर्धारित ड्रेसकोड पहचान पत्र नदारद- अनुशासन,जवाबदेही और प्रशासनिक संस्कृति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य -एक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
February 10, 2026
0
0

देश क़ी राज्य सरकारों को पंजाब दिल्ली और क़ा सरकार तुहाडे द्वार व डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विसेज यह मॉडल...

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी- अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना चाहिए

by Page 3 News International Desk
February 9, 2026
0
1

आओ अपनें समाज, घर, क्षेत्र में अपनी मातृभाषा में बात करें ताकि उसे हम विलुप्तता से बचा सके भारत ख़ूबसूरत...

बिगड़ते रिश्ते नातों की जड़ @ मिस अंडरस्टैंडिंग मिस कम्युनिकेशन व कम्युनिकेशन गैप

by Page 3 News International Desk
February 9, 2026
0
1

आओ खुशियों के ख़ूबसूरत रिश्तों नातों संबंधों की क़द्र करें ख़ुशहाल रिश्तों नातों को मज़बूत करने नजरअंदाजी झुकना व समर्पण...

डिजिटल युग में अफवाहें-पेड प्रमोशन और डर आधारित मार्केटिंग स्ट्रेटेजी? लोकतंत्र, जनस्वास्थ्य और वैश्विक स्थिरता के लिए बढ़ता खतरा-फेक न्यूज एक्ट 2026 बनाने की तात्कालिक आवश्यकता

by Page 3 News International Desk
February 9, 2026
0
1

डिजिटल युग में मिसिंग पर्सन्स की अफवाहें- भय,तथ्य, कानून और लोकतंत्र पर मंडराता संकट भारत सहित पूरे विश्व में अफवाहों...

हमारी इच्छाएं सीमित करके अपने साधनों से संतुष्ट रहने में ही सच्ची खुशी छिपी है!

by Page 3 News International Desk
February 8, 2026
0
0

जीवन की छोटी-छोटी बातों में ख़ुशी ढूंढकर ख़ुशी का आनंद लेकर ख़ुश रहें विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक पल ढूंढकर...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

February 2026
MTWTFSS
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728 
« Jan    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • E-Magazine
  • Management Team
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.